MLA सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

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एएम नाथ । शिमला : भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। सोमवार को विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को भेजे पत्र में सदन में कई बार झूठी और गुमराह करने वाली जानकारियां देने का सीएम सुक्खू पर आरोप लगाया है।

सुधीर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस नोटिस की जानकारी सार्वजनिक की। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में सुधीर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट सत्र में सीएम ने घोषणा करते हुए विभिन्न विभागों में 25 हजार युवाओं को रोजगार देने की बात कही।

पिछले साल मानसून सत्र के दौरान ही सरकार ने बताया कि उन्होंने सरकारी क्षेत्र में 34 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 23 हजार लोगों को रोजगार दिया है। सुधीर ने लिखा कि पहले बजट सत्र से ही सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने की घोषणा की। हर विधानसभा क्षेत्र में सरकार की ओर से इस दावे को दोहराया जाता रहा। आज तक एक भी ऐसी चीज प्रदेश में नहीं बनी। भाजपा के भी 28 विधायक सदन के सदस्य हैं। उनके यहां एक भी ऐसा संस्था नहीं है।

तीन बार बजट प्रस्तुत कर चुके मुख्यमंत्री ने हर बार पेट स्कैन के बारे में कहा, लेकिन आज तक नहीं लगी। सरकार ने इस बार के बजट में डीए देने की घोषणा की, लेकिन आज तक जारी नहीं किया। कांग्रेस सरकार के नेता और दर्जा प्राप्त कैबिनेट रैंक के बिजली के बिल में भी सरकार ने सदन को गुमराह किया। 15 फरवरी 2024 को प्रश्न संख्या 1273 के जवाब में सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 की आपदा के समय प्रभावितों को मुआवजे के तौर पर 483 करोड़ रुपये दिए गए। इस सत्र में एक सवाल के जवाब में बताया गया कि 403 करोड़ की राहत राशि वितरित की है। इसमें से 96 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2022-23 का है। यानी इस सरकार ने 307 करोड़ की राहत राशि ही दी है। सुधीर शर्मा ने कहा कि दस गारंटियों के बारे में सरकार कितनी बार सदन में झूठ बोल चुकी है, उसकी गिनती नहीं की जा सकती है।

विधायक का नोटिस विधानसभा के पास विचाराधीन : पठानिया
कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर नोटिस शेयर नहीं कर सकते। विधानसभा सचिवालय के पास यह पत्र विचाराधीन है। पत्र पर विचार किया जा रहा। कौन से ऐसे तथ्य हैं, जिनका उन्होंने उल्लेख किया है। इसका पता लगाया जाएगा। अगर तथ्य नहीं हुए और बेबुनियाद पाए तो इसके खिलाफ भी कई प्रावधान है। हम देख रहे हैं कि विधायक ने क्या-क्या मामला उठाया है। इस बाबत उचित फैसला लिया जाएगा।

 

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