अमृतसर : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह के बीच विवाद गहरा गया है।
एसजीपीसी ने ज्ञानी रघबीर सिंह को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उनके द्वारा लगाए गए कथित झूठे आरोपों पर स्पष्ट रुख देने को कहा है। कमेटी ने साफ किया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ज्ञानी रघबीर सिंह 2 अप्रैल 2026 तक अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हेड ग्रंथी को 72 घंटे का समय देकर आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा जाए। धामी ने आरोपों को बेबुनियाद और असत्य करार दिया।
गौरतलब है कि बीते कल ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसजीपीसी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कुछ प्रशासनिक निर्णयों और आंतरिक मामलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उनके बयानों के बाद सिख संगत में चर्चा तेज हो गई थी और मामला तूल पकड़ने लगा। धामी ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा दिया गया बयान पहले से लिखी गई स्क्रिप्ट जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने दोहराया कि एसजीपीसी किसी भी प्रकार के गलत आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगी और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ज्ञानी रघबीर सिंह निर्धारित 72 घंटे के भीतर क्या जवाब देते हैं और आगे एसजीपीसी क्या कदम उठाती है।
