अवैध शराब के कारोबार पर कड़ा हुआ कानून, सदन में संशोधन विधेयक पारित

by

शिमला, 5 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक वीरवार को विधानसभा में पारित हो गया। इस विधेयक में अवैध शराब बनाने और इसके अवैध धंधे पर अंकुश लगाने के लिए पहले से अधिक कड़े प्रावधान किये गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ये विधेयक चर्चा के लिए प्रस्तुत किया, जिसमें अवैध शराब व्यापार से संबंधित बढ़ती चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। अवैध शराब बेचने के कारण कभी-कभी लोगों की जान भी चली जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक में शराब के उत्पादन, बिक्री और परिवहन को विनियमित करने के प्रावधान हैं। लेकिन अवैध शराब बनाने और खपत के बढ़ते मामलों के साथ, दंड को बढ़ाना और प्रवर्तन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना आवश्यक हो गया है। संशोधित प्रावधानों का उद्देश्य आबकारी अपराधों से संबंधित जांच और परीक्षणों की प्रभावशीलता में सुधार करना है। अधिनियम की 13 धाराओं में प्रमुख संशोधन किए गए हैं। इनमें धारा 2, 26, 39, 40, 41, 43, 44, 47, 53, 66, 67 और 68 शामिल हैं। संशोधित अधिनियम में विभिन्न अपराधों के लिए दंड में वृद्धि शामिल है, जिसमें 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है। धारा 41 (ई) में एक बड़ा बदलाव सरकार को अवैध शराब के व्यापार के माध्यम से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देता है। यह व्यक्तियों को ऐसी संपत्ति रखने से रोकता है। यदि जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पाते हैं, तो ये सभी बाधाओं से मुक्त होकर राज्य सरकार में इसे निहित होंगे। कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट नए प्रावधानों के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे सकते हैं।

संशोधनों में नाबालिगों को शराब बेचने, शराब से संबंधित गतिविधियों में नाबालिगों को नियोजित करने, गैरकानूनी उत्पादन और बिक्री और शराब के साथ हानिकारक पदार्थों को मिलाने जैसे अपराधों के लिए कठोर दंड भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धोखाधड़ी की गतिविधियों के लिए लाइसेंस धारकों या उनके कर्मचारियों पर कठोर दंड लगाया गया है। सभी अपराधों को अब संज्ञेय के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका अर्थ है कि बिना वारंट के गिरफ्तारी की जा सकती है।

सरकार का लक्ष्य इन उपायों का उपयोग अवैध शराब बनाने के खतरे को रोकने और राज्य में शराब के दुरुपयोग से संबंधित बढ़ते मुद्दों से निपटने के लिए एक अधिक मजबूत प्रवर्तन ढांचा सुनिश्चित करने के लिए करना है।

इससे पूर्व विधेयक पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने इस संशोधन से पुलिस का काम और बढ़ा दिया है जबकि पुलिस पहले से ही काम के बोझ से दबी हुई है क्योंकि उसके पास पहले से ही बहुत काम है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संशोधन के बाद थानों में और अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

प्रतिबंधित सीजन में अवैध मछली बिक्री पर मत्स्य विभाग की सख्त कार्रवाई : 5 मामलों में 8 हजार रुपये जुर्माना वसूला

रोहित जसवाल।  ऊना, 4 जुलाई. जिला ऊना में मत्स्य विभाग ने प्रतिबंधित (क्लोज) सीजन के दौरान अवैध रूप से मछली बेचने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए नियमों के उल्लंघन के पांच मामलों...
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी स्वेच्छा से त्याग कर सकते हैं लाभ

ऊना, 28 अप्रैल – उपायुक्त राघव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पीएम किसान पोर्टल पर पात्र लाभार्थियों द्वारा स्वेच्छा से अपने लाभ का त्याग करने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मेले से लौट रहे श्रद्धालुओं की पलटी पिकअप, बड़ा हादसा टला

जोहड़जी साहिब, 6 अप्रैल (तारा) : जोहड़ जी साहिब मेले से लौटते समय पंजाब से आए श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी अन्यंत्रित होकर जोहड़ जी पट्टा मेहलोग सड़क में कैंची मोड़ के पास पलट...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नोबल चैरिटी वैल्फेयर सोसाइटी पट्टा कल महलोग में लगाएगा 28वां रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर

पट्टा मेहलोग 09 जनवरी (तारा) : पट्टा महलोग क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों को मजबूत करते हुए नोबल चैरिटी वैल्फेयर सोसाइटी द्वारा 28वां निशुल्क रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह...
Translate »
error: Content is protected !!