आंगनवाड़ी केंद्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस

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चम्बा में 8वें पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ, 23 अप्रैल तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

संतुलित आहार, प्रारंभिक शिक्षा और स्क्रीन टाइम पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

एएम नाथ। चम्बा :  जिला चम्बा में 8वें पोषण पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ 9 अप्रैल से कर दिया गया है, जो 23 अप्रैल तक विभिन्न गतिविधियों के साथ जारी रहेगा। इस दौरान पूरे जिले में लोगों को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में की गई, जहां लाभार्थियों को विशेष रूप से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
इस अभियान के अंतर्गत जिला चम्बा के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश जारी किए हैं कि वे पोषण पखवाड़ा के तहत निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की समस्या को कम करना और आमजन में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।
पोषण पखवाड़ा का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी तथा राज्य मंत्री श्रीमती ठाकुर द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम के जरिए किया गया। इस अवसर पर जिला चम्बा के सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और विभागीय कर्मचारियों ने ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से भाग लिया और पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम के दौरान कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के अधिकतम विकास का महत्व प्रमुख रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि इस अवधि में उचित पोषण, देखभाल और सकारात्मक वातावरण बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ की शुरुआत पर भी प्रकाश डाला गया। बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
जिला समन्वयक (पोषण) विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आने वाले दिनों में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां माताओं और बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पोषणयुक्त भोजन तैयार करने के प्रति लोगों को प्रेरित करना है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 3 से 6 वर्ष के बच्चों का नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकन अवश्य करवाएं। इससे बच्चों को प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ पोषण और देखभाल की सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि हर घर तक पोषण का संदेश पहुंचे और लोग स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं। यह अभियान न केवल बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज को जागरूक और सशक्त बनाने का भी एक सशक्त माध्यम है।

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