आपदा प्रबंधन जागरूकता व्याख्यान ने इंटर्नों एवं प्रतिभागियों को किया प्रेरित

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पुनीत महाजन ; चंडीगढ़, 18 जून ।  द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (ESI), चंडीगढ़ द्वारा आज करुणा सदन, सेक्टर-11 बी, चंडीगढ़ में “आपदा प्रबंधन जागरूकता व्याख्यान” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक उपायों के प्रति जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ (द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया के सचिव) (भारतीय एकता मंच पंजीकृत के पर्यावरण सेक्रेटरी एन.के. झिंगन) द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशेषज्ञ वक्ताओं, इंटर्न विद्यार्थियों तथा अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन संबंधी ज्ञान प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आग, बाढ़, सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही जानकारी और समय पर की गई कार्रवाई से जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, चंडीगढ़ शाखा की नोडल अधिकारी पूनम मलिक थीं। उन्होंने विद्यार्थियों को मानव सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता एवं बड़ों का सम्मान तथा समाज सेवा को जीवन का हिस्सा बनाना प्रत्येक युवा का दायित्व है।
तकनीकी सत्र का संचालन भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, चंडीगढ़ शाखा के प्रशिक्षण पर्यवेक्षक सुशील टांक ने किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता, आग लगने की स्थिति में बचाव, गैस रिसाव से निपटने तथा सर्पदंश के मामलों में प्राथमिक उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत में पाए जाने वाले अधिकांश सांप विषैले नहीं होते तथा ऐसे मामलों में घबराहट स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकती है।
सुशील टांक ने आपातकालीन परिस्थितियों में सुनियोजित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाने पर बल देते हुए कंप्यूटर के “इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट” सिद्धांत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग “प्रोसेस” की महत्वपूर्ण कड़ी को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष इंजीनियर हेमराज सतीजा ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में साहस, जागरूकता एवं तत्परता सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही निर्णय और उचित जानकारी अनेक बहुमूल्य जीवन बचा सकती है।
ESI के कोषाध्यक्ष एवं प्रशासक की सलाहकार समिति के सदस्य रविंद्र नाथ ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। वहीं ESI के सदस्य अशोक कुमार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता और जन-जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र; चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, घरुआँ; गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़; डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़; डीएवी कॉलेज, करनाल तथा आईआईटी मुंबई के इंटर्न विद्यार्थियों सहित ESI के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इंटर्न विद्यार्थियों ने पूरे सत्र के दौरान उत्साहपूर्वक भागीदारी की और प्राथमिक उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, अग्नि सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, सर्पदंश, आपदा तैयारी तथा संकट की स्थितियों में जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा से जुड़े अनेक व्यावहारिक प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए, जिनमें आगजनी एवं दुर्घटनाओं से संबंधित घटनाएं शामिल थीं।
प्रतिभागियों ने व्यावहारिक प्रदर्शन एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि, विशेषज्ञ वक्ताओं एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया।

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