आर्थिक हालात ठीक है तो क्यों रुकी हैं भर्तियां, डीए और क्यों बंद है हिम केयर, सहारा : जयराम ठाकुर

by
सदन में कहते हैं आर्थिक हालत ख़राब हैं और फिर मीडिया में कहते हैं नहीं हैं,   मुख्यमंत्री हर रोज़ दे रहे हैं हास्यास्पद बयान, सरकार तय कर ले कि क्या हैं हालात
प्रदेश में नहीं बची है कानून व्यवस्था, नेरचौक में डॉक्टरों के साथ हुई घटना असहनीय
एएम नाथ। मण्डी :
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश की खूब किरकिरी करवा रहे हैं। एक दिन विधानसभा के अंदर कहते है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं, दूसरे दिन कहते है कि प्रदेश की आर्थिक हालत ठीक है। फिर कहते हैं कि हम प्रदेश की आर्थिक हालत सही कर रहे हैं। कभी कहते थे कि श्रीलंका जैसे हालत बन जाएंगे? तो क्या मुख्यमंत्री ने सदन में भी झूठ बोलकर प्रदेश के लोगों को गुमराह किया। प्रदेश के लोग सच में समझ नहीं पा रहे है कि सरकार कहना और करना क्या चाह रही है। मुख्यमंत्री समेत सरकार के मंत्री सुबह कुछ कहते हैं और शाम को कुछ। सदन में कहते है कि सीपीएस, मंत्री और विधायक दो महीनें का वेतन रुककर तीसरे महीनें में एक साथ लेंगे लेकिन उसी शाम को पता चलता है कि मुख्यमंत्री अपने करीबी मित्र का मानदेय 30 हज़ार रुपए से बढ़ाकर एक लाख तीस हज़ार कर देते हैं। हास्यास्पद यह है कि सरकार में बैठे बहुत लोग कहते हैं कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी ही नहीं हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर आर्थिक संकट नहीं है तो प्रदेश के युवाओं को रोज़गार क्यों नहीं मिल रहा है? प्रदेश सरकार बेतहाशा क़र्ज़ क्यों ले रही है? रिजल्ट जारी होने के बाद नियुक्तियां क्यों नहीं मिल रही है? प्रदेश में बेसहारा लोगों को आर्थिक संबल देने की सहारा योजना को क्यों बंद कर दिया गया। आज प्रदेश में हिमकेयर के तहत इलाज क्यों बंद हैं? हिम केयर के तहत लोगों की जान बचाने वाली ओपन हार्ट सर्जरी क्यों बंद है? क्यों लोगों को पहले से मिल रही सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं? अगस्त महीनें के आंटे का पूरा कोटा डिपुओं में क्यों नहीं पहुंचा? सरसों के तेल के दाम डिपुओ 12 फ़ीसदी क्यों बढ़ाए गए? क्यों बिजली पानी के दाम बेतहाशा बढ़ाए जा रहे हैं। क्यों युवाओं के टीईटी और डीएलएड की प्रवेश परीक्षा फ़ीस को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया? जनहित से जुड़े ऐसे सैकड़ों सवाल हैं जिससे सुक्खू सरकारा भागना चाहती है। मुख्यमंत्री यह ध्यान रखें कि अब बहुत हो गया। विपक्ष सरकार को अपनी नीति और नीयत को सुधारने के लिए बहुत समय दिया, लेकिन डेढ़ साल के कार्यकाल से यह साफ़ है कि सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों में कोई रुचि नहीं ले रही है। बस मित्रों को आगे बढ़ाने के एजेंडे पर काम कर रही है। भारतीय जानता पार्टी यह बर्दाश्त नहीं करेगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से तबाह है। पुलिस अपराध परनियंत्रण करने में रुचि नहीं दिखा रही है। मीडिया के माध्यम से पता चला कि नेर चौक अस्पताल में भी अराजकतत्वों द्वारा घुस कर उत्पात मचाया गया। प्रशिक्षु डॉक्टरों से मारपीट की गई। प्रदेश में लोगों के जान की हिफ़ाज़त करने वाले डॉक्टर्स भी सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस मामले में कार्रवाई करे। हिमाचल प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सहन नहीं की जाएगी।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

विधायक ने नवाजे जय पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनूरी के मेधावी ….शिक्षा और संस्कार राष्ट्र की नींव – आशीष बुटेल*

एएम नाथ पालमपुर, 9 दिसंबर :- पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने मंगलवार को जय पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बनूरी में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

युद्ध स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्य संचालित करने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश : आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए चंबा के भरमौर में तैनात मंडलायुक्त कांगड़ा के साथ-साथ चंबा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से भी की बात

एएम नाथ। शिमला।  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली से प्रदेश के आपदा प्रभावित चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और मंडी ज़िलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला में सख्ती से लागू हों सड़क सुरक्षा कानून – DC जतिन लाल

ओवर स्पीड और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के दिए निर्देश रोहित जसवाल।  ऊना, 28 फरवरी। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने शुक्रवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

एचपीटीडीसी के 14 होटलों को निजी हाथों में देने के फैसले की सरकार करे समीक्षा : बाली

एएम नाथ । शिमल 11 जुलाई । हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के घाटे में चल रहे 14 होटलों को संचालन एवं रखरखाव आधार पर निजी हाथों में सौंपने के सरकार के फैसले...
Translate »
error: Content is protected !!