इंडो–यूएस ट्रेड डील पर युवा कांग्रेस के सवाल, 16 मार्च को संसद घेराव का ऐलान

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एएम नाथ । शिमला :  केंद्र सरकार द्वारा की गई इंडो–यूएस ट्रेड डील को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने प्रेस वार्ता  दौरान कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र तथा लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए नुकसानदायक बताया।

छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी के नाम कथित तौर पर एप्सटीन फाइल में सामने आए हैं, उसके बाद ही केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ यह इंडो–यूएस ट्रेड डील की गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की पारदर्शिता पर भी कई सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि इस डील के अनेक दुष्प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेंगे। विशेष रूप से इसका असर भारत के कृषि उत्पादों पर पड़ेगा, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बहुत कम दामों पर बेचने पड़ेंगे। साथ ही अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में खुली पहुंच मिल जाएगी, जिससे देश के लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों पर संकट खड़ा हो जाएगा और उनके बंद होने का खतरा बढ़ जाएगा। युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शुभ्रा जिंटा ने कहा कि इस डील के तहत भारत को अपने उत्पादों पर लगभग 18 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ेगा, जबकि अमेरिका अपने उत्पादों को भारत में शून्य टैरिफ के साथ भेज सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह डील पूरी तरह से एकतरफा है और इससे अमेरिका के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जबकि भारत के उद्योग और किसान नुकसान उठाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि इन मांगो को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने पहले भी एआई समिट में धरना प्रदर्शन कर चुकी है और आने वाले 16 मार्च को दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन कर संसद घेराव करने जा रही है । अंत में हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस गलत तरीके से की गई इंडो–यूएस ट्रेड डील को जल्द से जल्द रद्द किया जाए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था, किसानों और छोटे उद्योगों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव डॉ रणजीत वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के 140 करोड़ लोगों का डेटा अमेरिका के साथ साझा किया गया है, जो देश की सुरक्षा और निजता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश कभी भी अपना डेटा इस प्रकार साझा नहीं करते, लेकिन भारत सरकार ने इस मामले में देशहित की अनदेखी की है। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव रंजीत वर्मा ने कहा कि इस डील के दुष्प्रभाव अब सामने आने भी शुरू हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने रूस और ईरान से सस्ते दामों पर तेल लेने के बजाय अमेरिका से अधिक कीमत पर उनकी शर्तों के अनुसार तेल खरीदना शुरू कर दिया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

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