ऊना में 1,012 करोड़ की 136 जल शक्ति योजनाएं : 600 करोड़ खर्च; 400 करोड़ के काम जारी

by

प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने तीन दिवसीय दौरे में परखी विकास कार्यों की प्रगति, अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

रोहित जसवाल।
ऊना, 3 नवंबर।
ऊना जिले में जल शक्ति विभाग की 1,012 करोड़ रुपये की 136 विकास योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 400 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। पेयजल, सिंचाई, सीवरेज और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए विभाग की प्रदेश प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

दौरे के पहले दिन 31 अक्तूबर को उन्होंने हरोली और कुटलैहड़ क्षेत्र में योजनाओं की प्रगति देखी। 1 नवंबर को अंब और 2 नवंबर को गगरेट सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में विभागीय कार्यों का निरीक्षण किया। हरोली स्थित जल शक्ति विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता (हमीरपुर क्षेत्र) रोहित दुबे, अधीक्षण अभियंता जल शक्ति वृत्त ऊना नरेश धीमान सहित विभिन्न मंडलों के अधिशासी और सहायक अभियंता मौजूद रहे।

प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की प्राथमिकता है कि पेयजल, सिंचाई और अन्य योजनाएं तय समय में पूरी हों, ताकि लोगों को इनका लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी चरणों के कार्यों के प्रस्ताव समय पर तैयार कर भेजने को कहा, ताकि स्वीकृतियों और उपलब्ध बजट के अनुसार परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

136 योजनाओं में पेयजल और सिंचाई की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने बताया कि जिले में चल रही 136 योजनाओं में 52 पेयजल, 61 सिंचाई, 11 सीवरेज, 10 बाढ़ सुरक्षा और दो भवन निर्माण से संबंधित हैं। इनका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का विस्तार करने के साथ कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना है।

हरोली क्षेत्र में 74.42 करोड़ रुपये की बीत सिंचाई योजना फेज-2 का करीब 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना से लगभग 4,889 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। बल्क ड्रग पार्क से संबंधित जल शक्ति विभाग के कार्यों पर करीब 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनका लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं, हरोली में 97.05 करोड़ रुपये की एम-कैड योजना का सर्वेक्षण कार्य जारी है।

लठियाणी में लिफ्ट पेयजल योजना का 70 प्रतिशत काम पूरा

कुटलैहड़ क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों को मजबूत करने के लिए भी काम किया जा रहा है। लठियाणी क्षेत्र में गोबिंद सागर जलाशय से पानी उठाकर लठियाणी और धुंदला क्षेत्र की विभिन्न पेयजल योजनाओं तक पहुंचाने के लिए नाबार्ड के तहत 14.93 करोड़ रुपये की लिफ्ट पेयजल योजना बनाई जा रही है। इसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

बीत क्षेत्र में छह करोड़ रुपये की पेयजल योजना के तहत 25 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है। इस योजना का काम भी लगभग पूरा होने वाला है।

अंब में 24 घंटे पानी देने के लिए 8.40 करोड़ से काम

अंब नगर के वार्ड नंबर-दो में अमृत योजना के तहत 8.40 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। चिंतपूर्णी में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार माता चिंतपूर्णी पेयजल योजना पूरी होने के बाद कमीशन की जा चुकी है। प्रमुख अभियंता ने इसके संचालन और नियमन की व्यवस्था का निरीक्षण कर इसे सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए। वहीं, 4.47 करोड़ रुपये की माता का बाग पेयजल योजना का काम जारी है।

जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल और स्वच्छता से जुड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दौलतपुर चौक, टाहलीवाल, बंगाणा और अंब में करीब 12 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। नाबार्ड के तहत लगभग 55 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं भी क्रियान्वित की जा रही हैं।

गगरेट में 13 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और दौलतपुर नगर में 5.50 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना पर काम चल रहा है। टाहलीवाल के ऐतिहासिक ढांचे के नवीनीकरण के लिए 3.30 करोड़ रुपये की योजना के कार्य आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा टाहलीवाल में 24 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज योजना का काम भी शुरू कर दिया गया है।

तालाबों का निरीक्षण कर जल संरक्षण पर दिया जोर

दौरे के दौरान अंजू शर्मा ने पुबोवाल और बीटन के तालाबों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को संरक्षित कर जमीन में पहुंचाने से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है। अधिकारियों को इस दिशा में उपयोगी कार्यों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

सैक्टर 43 की V-5 सड़कों के साथ लगते फुटपाथ पर टाइल्स और करब चैनल लगाने का शुभारंभ

पुनीत महाजन l चंडीगढ़ : विकास कार्यक्रम को निरन्तर बढ़ाते हुए वार्ड 23 के अंतर्गत सैक्टर 43 की समस्त V-5 सड़कों के साथ लगते सभी फुटपाथ पर टाइल्स, करब चैनल और कंक्रीट का कार्य...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भारत में पहली बार बड़े स्तर पर राफ्टिंग प्रतियोगिता का होगा आयोजन : 16 से 23 सितंबर तक पंदोआ में आयोजित की जाएगी एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप – उपायुक्त

उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जीती हुई टीमों के अतिरिक्त विश्व की 20 टीमें लेंगी भाग शिमला 09 जून – उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहाँ एनआईसी हॉल में एशियन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राष्ट्रीय विद्यालय अंडर 19 गर्ल्स क्रीड़ा प्रतियोगिता का चौथे दिन हिमाचल व हरियाणा के मध्य होगा फाइनल मैच

बीबीएन, 22 जनवरी (तारा) : राष्ट्रीय विद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता के चौथे दिन खेले गए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हरियाणा ने महाराष्ट्र...
article-image
हिमाचल प्रदेश

रिजनल अस्पताल ऊना में आप का धरना : बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन/सीटी स्कैन मशीन को लेकर

ऊना : हिमाचल प्रदेश के ऊना में आम आदमी पार्टी की जिला इकाई ने सोमवार को रिजनल अस्पताल में बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की मशीन को लेकर सीएमओ के कमरे के बाहर...
Translate »
error: Content is protected !!