प्रशासन का अभियान तेज, किसान आईडी से पीएम-किसान, खाद और एमएसपी खरीद सहित विभिन्न कृषि सेवाओं का मिलेगा डिजिटल लाभ
रोहित जसवाल। ऊना, 3 अक्तूबर: डिजिटल कृषि सेवाओं को किसानों तक सीधे पहुंचाने के लिए ऊना जिला प्रशासन ने एग्रीस्टैक मिशन के तहत किसान रजिस्ट्री अभियान तेज कर दिया है। जिले में अब तक 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य का करीब 46 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले के सभी पात्र किसानों से जल्द से जल्द पंजीकरण करवाने की अपील करते हुए कहा कि किसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक किसान की सत्यापित डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है। पंजीकरण के बाद किसानों को 11 अंकों की विशिष्ट किसान आईडी उपलब्ध करवाई जाएगी।
पीएम-किसान से खाद और एमएसपी खरीद तक लाभ
प्रशासन के अनुसार डिजिटल किसान आईडी से किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि, खाद की पारदर्शी उपलब्धता और खरीद पोर्टल के माध्यम से फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक्री सहित विभिन्न कृषि सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
डिजिटल रजिस्ट्री में किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल संबंधी विवरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इससे कृषि सेवाओं और योजनाओं का लाभ अधिक सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
सितंबर में 50 से अधिक विशेष शिविर
उपायुक्त ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से सितंबर माह में जिले में 50 से अधिक विशेष शिविर लगाए गए, जिनमें किसानों का मौके पर पंजीकरण किया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसान आईडी के अभाव में जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजना या कृषि सेवा से वंचित न रहे।
CSC और पंचायतों को शत-प्रतिशत पंजीकरण के निर्देश
किसान रजिस्ट्री को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जिला प्रबंधक और ग्राम स्तरीय उद्यमियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उप निदेशक कृषि ऊना प्रेम सिंह ने बताया कि एग्रीस्टैक परियोजना के तहत 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी CSC केंद्र या विशेष पंजीकरण शिविर में जाकर किसान आईडी अवश्य बनवाएं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि पंजीकरण में देरी न करें, ताकि भविष्य में कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में डिजिटल पहचान की कमी बाधा न बने।
