एचपीशिवा परियोजना गांव जोल में लाई अमरूद की बहार : एक हैक्टेयर भूमि पर लगे हैं लगभग 1750 पौधे, 5 हैक्टेयर तक किया जाएगा विस्तार

by
रोहित जसवाल।  हमीरपुर 02 फरवरी। हिमाचल प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फलदार पौधों के बागीचे विकसित करके इन क्षेत्रों को भी बागवानी में अग्रणी बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई एचपीशिवा परियोजना के शुरुआती चरण में ही काफी अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। उद्यान विभाग द्वारा इस परियोजना के माध्यम से विकसित किए गए कई क्लस्टरों के बागीचों में इस बार अमरूद की अच्छी पैदावार हुई है।
भोरंज उपमंडल के गांव बडैहर के पास जोल में भी 10 किसानों की लगभग एक हैक्टेयर भूमि पर एचपीशिवा परियोजना के तहत लगाए गए अमरूद के बागीचे में इस बार लगभग 60 क्विंटल अमरूद की पैदावार हुई है।
जोल के प्रगतिशील बागवान कमलजीत सिंह और ध्यान सिंह ने बताया कि गांव में लगाए गए लगभग 1750 पौधों से शुरुआती दौर में ही अच्छी पैदावार मिलने लगी है। कमलजीत सिंह ने बताया कि क्लस्टर के अधीन उनकी अपनी लगभग 6 कनाल जमीन पर अमरूद के 200 पौधे लगाए गए हैं। इसी प्रकार ध्यान सिंह की जमीन पर भी लगभग 500 पौधे लहलहा रहे हैं।
कमलजीत सिंह ने बताया कि वह पहले प्राइवेट सैक्टर में नौकरी करते थे और अपनी पुश्तैनी जमीन पर धान, मक्की और गेहूं की खेती करते थे। मौसम की बेरुखी और बेसहारा पशुओं की समस्या के कारण उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन से कोई आय नहीं हो रही थी। उधर, ध्यान सिंह बताते हैं कि वह और अन्य गांववासी भी धान, मक्की और गेहूं की ही खेती करते थे। लेकिन, इनकी खेती घाटे का सौदा ही साबित हो रही थी और गांव के किसान, विशेषकर युवा पीढ़ी खेती से विमुख हो रही थी।
इसी बीच, उद्यान विभाग के अधिकारियों ने गांववासियों को एचपीशिवा परियोजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा अमरूद के बागीचे विकसित करने के लिए अपनी जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
उद्यान विभाग के अधिकारियों की प्रेरणा से गांव के लगभग 10 किसानों ने करीब एक हैक्टेयर पर बागीचा लगवाने का निर्णय लिया। जमीन को बागीचे के लिए तैयार करने से लेकर पौधारोपण, सोलर बाड़बंदी और आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली इत्यादि का पूरा प्रबंध एचपीशिवा परियोजना के माध्यम से ही किया गया।
देखते ही देखते बागीचे में अमरूद के पौधे लहलहाने लगे और इस बार शुरुआती दौर में ही लगभग 60 क्विंटल की पैदावार हुई है तथा किसानों-बागवानों को अच्छी आय हुई है। इन उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गांव की लगभग 4 हैक्टेयर और जमीन पर भी पौधारोपण लगाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस प्रकार, एचपीशिवा परियोजना से गांव जोल में अमरूद की बहार आ गई है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

बैजनाथ हलके में समग्र विकास को किया सुनिश्चित : जनमानस की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : किशोरी लाल

बैजनाथ 7 अगस्त : ग्राम पंचायत भुलाणा और ग्राम पंचायत संन्साई के पटेलनगर में सोमवार को विधायक जनता के दरबार का आयोजन किया गया। बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव कृषि,...
article-image
हिमाचल प्रदेश

रिलेशनशिप ऑफिसर के 176 पदों के लिए इंटरव्यू 25 को- राजेश मैहता

 बिलासपुर  : जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मैहता ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्षिका वेलफेयर मार्ट बिलासपुर द्वारा रिलेशनशिप ऑफिसर के 176 पदों हेतू दिनांक 25 जनवरी 2024 को रक्षिका वेलफेयर मार्ट के...
article-image
दिल्ली , पंजाब , समाचार , हिमाचल प्रदेश

राहुल गांधी के नेपाल दौरे के पब वीडियों ने बढ़ाया सियासी पारा

दिल्ली :  नेपाल के निजी दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी के एक पब का वीडियो जम कर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक चीनी महिला के साथ नजर आ रहे हैं। दावा...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

हरियाणा में कौन सी सीटों पर भाजपा ने मारी बाजी और कहां कांग्रेस ने की जीत दर्ज : देखें सभी 90 सीटों के नतीजे

चंडीगढ़ : हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती अपने अंतिम दौर में है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी अनुमानों को गलत साबित करते हुए लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार...
Translate »
error: Content is protected !!