बैंक के वित्तीय मामलों पर सार्वजनिक जवाब और रिकॉर्ड पेश करने की मांग
एएम नाथ। सोलन : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा ने जोगिंद्रा सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक, सोलन के चेयरमैन को सार्वजनिक रूप से लाइव मीडिया डिबेट के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि यह बहस किसी भी मीडिया चैनल पर आयोजित की जा सकती है, जिसका चयन स्वयं बैंक चेयरमैन करें। शर्मा ने आग्रह किया कि चेयरमैन अपनी पूरी टीम के साथ सभी संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज लेकर आएं ताकि बैंक से जुड़े विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों पर जनता के सामने तथ्य रखे जा सकें।
जारी बयान में शर्मा ने कहा कि बैंक में 3.66 करोड़ रुपये का इंटर ब्रांच एडजस्टमेंट पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से लंबित है, जिस पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। उन्होंने 3.50 करोड़ रुपये के एनपीए प्रकरण की जांच रिपोर्ट में तत्कालीन एजीएम राम पॉल के विरुद्ध हुई कार्रवाई का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरबीआई द्वारा लगाए गए 3.50 लाख रुपये और 1 लाख रुपये के जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों से वसूल नहीं की गई। इसके अलावा 15 करोड़ रुपये से अधिक के सस्पेंस इंटरेस्ट, 26 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 16 करोड़ रुपये से अधिक की एनपीए में कमी, वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट में दर्शाए गए 68 करोड़ रुपये के आइडल फंड के निवेश और उससे हुई आय का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने की मांग की।
शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में बैंक की ओर से 80 लाख रुपये से अधिक की राशि दिए जाने, आरसीएस शिमला की मंजूरी के बिना 30 लाख रुपये से अधिक की इनोवा वाहन खरीदने तथा विज्ञापन, प्रचार-प्रसार, डोनेशन और ईंधन मद में हुए खर्च का पूरा ब्यौरा भी जनता के सामने रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बैंक प्रबंधन के पास सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जवाब है तो वह सार्वजनिक मंच पर आकर इन सवालों का उत्तर दे।
