मुख्यमंत्री सुक्खू ने की सेब खरीद तैयारियों की समीक्षा, एचएमआईएस वेबसाइट और ऐप लॉन्च
सेब खरीद प्रक्रिया होगी डिजिटल और पारदर्शी, यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली भी लागू
एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सेब खरीद, बकाया भुगतान और आगामी खरीद सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष सेब खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 से 2025 तक एमआईएस के अंतर्गत खरीदे गए सेबों का लंबित भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उत्पादकों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। 30 बैग तक सेब बेचने वाले सभी उत्पादकों का भुगतान पूरा कर दिया गया है, जबकि 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले बागवानों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। लंबित देनदारियों के निपटारे के लिए सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी खरीद सीजन के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संचालित हो सके। उन्होंने सभी संग्रहण केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, जिससे बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेब खरीद से लेकर प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू कर दी गई है। उनका कहना था कि इससे बागवानों को एक समान पैकेजिंग सुविधा मिलेगी और बिचौलियों द्वारा होने वाले संभावित शोषण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य बागवानों को बेहतर सुविधाएं और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
