ऑटो चालक के घर मिले 3 करोड़ : सब बोले- ‘मेरे नहीं हैं, मुझे नहीं चाहिए!’ लावारिस कैश को लेकर SIT गठित

by

सागर । एमपी के सागर में ऑटो चालक के घर से मिले 3 करोड़ 2 लाख रुपये से ज्यादा के कैश ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। हैरानी की बात ये है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद जिसे लेकर सवाल उठने चाहिए थे, वही रकम अब ‘मेरी नहीं है’ के दावों में उलझ गई है।

ऑटो चालक सौरभ अहिरवार ने पैसे PWD इंजीनियर रिश्तेदार रमेश अहिरवार के बताए, लेकिन इंजीनियर ने रकम से अपना कोई संबंध होने से इनकार कर दिया। अब लोकायुक्त ने पांच सदस्यीय SIT गठित कर दी है। टीम पता लगाएगी कि आखिर ये करोड़ों रुपये किसके हैं और घर तक कैसे पहुंचे।

ऑटो चालक के घर करोड़ों का कैश, मचा हड़कंप

16 अगस्त को सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के घर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान वहां से 3 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मामला सिर्फ कैश बरामद होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रकम के मालिक को लेकर भी पेंच फंस गया। अब इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

ऑटो चालक बोला- ‘पैसे मेरे नहीं, रिश्तेदार के हैं’

करोड़ों रुपये मिलने के बाद ऑटो चालक सौरभ अहिरवार ने पुलिस के सामने दावा किया कि बरामद रकम उसकी नहीं है। उसने पैसे अपने रिश्तेदार और PWD इंजीनियर रमेश अहिरवार के बताए। यानी करोड़ों की नकदी घर में मिली, लेकिन मालिक कोई और बताया गया। सौरभ के बयान ने जांच को नया मोड़ दे दिया। अब सवाल ये है कि अगर रकम इंजीनियर की थी, तो वह ऑटो चालक के घर क्यों रखी गई थी?

इंजीनियर ने कहा- ‘मेरे नहीं हैं’

ऑटो चालक के दावे के बाद मामला और पेचीदा हो गया, क्योंकि PWD इंजीनियर रमेश अहिरवार ने रकम से अपना संबंध होने से साफ इनकार कर दिया। यानी एक तरफ सौरभ रकम को इंजीनियर की बता रहा है, तो दूसरी तरफ इंजीनियर उसे अपना मानने को तैयार नहीं हैं। करोड़ों रुपये की इस नकदी के बीच दोनों के बयानों में अंतर ने जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब लोकायुक्त की SIT करेगी करोड़ों की ‘गुत्थी’ सुलझाने की कोशिश

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के मुताबिक, टीम नकदी के स्रोत, उसके वास्तविक मालिक और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी। PWD इंजीनियर रमेश अहिरवार की चल-अचल संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी पड़ताल होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं आय और संपत्ति में असामान्य अंतर तो नहीं है।

लावारिस’ 3 करोड़ का असली मालिक कौन?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 3 करोड़ 2 लाख रुपये से ज्यादा की यह नकदी किसकी है? ऑटो चालक इसे अपना नहीं बता रहा और जिस इंजीनियर का नाम सामने आया, वह भी रकम से इनकार कर रहा है। ऐसे में करोड़ों का कैश फिलहाल सवालों के घेरे में है। लोकायुक्त की SIT अब रकम से जुड़े दस्तावेज, परिस्थितियां और दूसरे साक्ष्य खंगालेगी। जांच आगे बढ़ने के साथ इस ‘लावारिस कैश’ का राज खुलने की उम्मीद है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

पंजाब सरकार के सुविधा केंद्र जनता के लिए साबित हो रहे ‘दुविधा केंद्र’ : खन्ना

होशियारपुर। पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार एक तरफ प्रदेश की सभी महिलाओं को 1000-1500 रूपए प्रतिमाह देने की बात करती है और दूसरी तरफ लोगों द्वारा अप्लाई किये गए...
article-image
हिमाचल प्रदेश

“समर्थ 2025” के अंतर्गत सुरक्षित निर्माण पद्धतियों पर जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित

एएम नाथ। शिमला : अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला द्वारा “समर्थ 2025” नामक जन-जागरूकता एवं क्षमता निर्माण अभियान के तहत आज सुरक्षित निर्माण पद्धतियों पर जिला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चम्बा के सुल्तानपुर में नशा कारोबार का पर्दाफाश : मां-बेटा चिट्टे सहित गिरफ्तार, लाखाें का कैश और 12 मोबाइल बरामद

एएम नाथ। चम्बा : जिला चम्बा में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यालय के साथ लगते सुल्तानपुर मोहल्ले में एक बड़े नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त...
article-image
हिमाचल प्रदेश

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में, भ्रामक सूचनाओं से बचें : परवेश ठाकुर

एएम नाथ। चम्बा : वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, विद्युत मण्डल एचपीएसईबीएल, चम्बा परवेश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में पुराने विद्युत...
Translate »
error: Content is protected !!