कर्मचारियों पर पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, 27 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान : पुरानी पेंशन को लेकर पंजाब में आर-पार की लड़ाई

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सुनाम: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर पंजाब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। रविवार को सुनाम के गांव तोलावाल की अनाज मंडी में प्रदेशभर से जुटे हजारों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव सतौज स्थित आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने गांव के प्रवेश मार्ग पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी।

जैसे ही कर्मचारियों का काफिला सतौज की ओर बढ़ा, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ओपीएस बहाली की मांग पर अड़े कर्मचारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स हटाने शुरू कर दिए। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी खेतों के रास्ते गांव की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें छोड़ीं।

सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी

यह प्रदेश स्तरीय महारैली ‘पुरानी पेंशन बहाली साझा मंच पंजाब’ के बैनर तले आयोजित की गई। इसकी अगुवाई प्रांतीय संयोजक जसवीर सिंह तलवाड़ा और प्रांतीय अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने की।

दोपहर करीब दो बजे जब कर्मचारियों का बड़ा जत्था सतौज की ओर बढ़ा तो पूरा क्षेत्र सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया।

27 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। नेताओं ने 27 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान करते हुए प्रदेशभर के सरकारी कर्मचारियों से सामूहिक अवकाश लेकर सरकारी कार्यालयों के कामकाज का बहिष्कार करने की अपील की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना।
  • पेंशनरों को 2.59 फिटमेंट फैक्टर का लाभ देना।
  • डीए की लंबित किस्तों और एरियर का भुगतान करना।
  • बंद किए गए भत्तों को दोबारा शुरू करना।
  • छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना।
  • पुराना पंजाब पे-स्केल बहाल करना।
  • ठेके और आउटसोर्स के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करना।

कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।

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