नई दिल्ली. सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब एक बार फिर आंदोलन और तनाव के मुहाने पर खड़ा हो गया है. कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा पुकारे गए 7 घंटे के राज्यव्यापी बंद के आह्वान से न केवल सड़कों पर पहियों की रफ्तार रुक सकती है बल्कि पूरे सूबे में जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो सकता है।
कई किसान यूनियनों, मिनी बस ऑपरेटरों और राजनीतिक धड़ों के खुले समर्थन के बाद राज्य की राष्ट्रीय राजमार्गों, बाजार गलियारों और व्यापारिक गतिविधियों पर गहरा असर देखा जा रहा है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पंजाब बंद: जानिए क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा प्रभावित
• हाईवे और यातायात: कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ता राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात रहेंगे और वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास करेंगे।
• आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस, शादी-विवाह और अंतिम संस्कार के लिए यात्रा करने वाले लोगों जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट रहेगी।
• बसें और सार्वजनिक परिवहन: ट्रांसपोर्ट यूनियनों से आधे दिन के लिए बसें सड़कों से हटाने की अपील की गई है. मिनी बस ऑपरेटरों ने बंद का समर्थन किया है, जबकि ट्रक ऑपरेटरों को यातायात बाधित होने पर सड़कों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
• बाजार और दुकानें: मोर्चा और किसान संगठनों ने व्यापारियों व दुकानदारों से स्वेच्छा से बाजार बंद रखने की अपील की है।
• स्कूल और कॉलेज: निजी स्कूलों से परिसर बंद रखने की अपील की गई है, जिस पर कई निजी संस्थान विचार कर रहे हैं. हालांकि, सरकारी स्कूलों के लिए ऐसा कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं हुआ है।
• दूध की आपूर्ति: किसान मजदूर मोर्चा ने दूध विक्रेताओं (दूधिया) को सुबह 7 बजे से पहले या शाम को दूध वितरित करने की सलाह दी है।
• फैक्ट्रियां और औद्योगिक श्रमिक: सुबह 7 बजे से पहले शुरू होने वाली फैक्ट्री शिफ्टों को रोका नहीं जाएगा, लेकिन सुबह 7 से दोपहर 2 बजे के बीच सड़कों पर श्रमिकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
आंदोलन का मुख्य कारण और समर्थन
कौमी इंसाफ मोर्चा 7 जनवरी, 2023 से मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर YPS चौक पर लगातार धरना दे रहा है. शिरोमणि अकाली दल (पुनर्सुरजीत) और अकाली दल वारिस पंजाब दे ने इस बंद को अपना पूरा समर्थन दिया है. सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाला अकाली दल भी बंदी सिंहों की रिहाई की मांग का समर्थन करता है, हालांकि उन्होंने इस 7 घंटे के बंद का प्रत्यक्ष समर्थन नहीं किया है।
