किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का इलाज लेने से इंकार : डॉक्टरों ने दी ये सलाह

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चंडीगढ़ :  पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की भूख हड़ताल सोमवार को लगातार 21वें दिन भी जारी रही। चिकित्सकों ने उनकी बिगड़ती सेहत के कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है।  हालांकि, उन्होंने कोई भी उपचार लेने से इनकार कर दिया है।
                    कैंसर से पीड़ित 70 वर्षीय डल्लेवाल पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर बैठे हुए हैं, ताकि केंद्र पर फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की अन्य मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके। डॉ. अवतार सिंह ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “जांच रिपोर्ट के अनुसार ‘क्रिएटिनिन’ का स्तर बढ़ रहा है और जीएफआर (ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट) कम हो रहा है। ‘कीटोन’ भी उच्च स्तर पर हैं, जिसका मतलब है कि उनकी हालत काफी खराब है।
                     पेशाब में कीटोन का अधिक स्तर संकेत देता है कि शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज के बजाय वसा का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट पदार्थ है, जो शारीरिक गतिविधि के दौरान मांसपेशियों की कोशिकाओं के टूटने पर पैदा होता है। गुर्दे खून से क्रिएटिनिन छानकर पेशाब के रास्ते शरीर के बाहर निकालते हैं, लेकिन जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तब खून में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने लगता है। डॉ. सिंह ने बताया कि डल्लेवाल ने कुछ भी नहीं खाया है और वह सिर्फ पानी पी रहे हैं। डल्लेवाल इतने कमजोर हो गए हैं कि वह अपने दम पर खड़े नहीं हो पा रहे हैं और उन्हें सहारे की जरूरत पड़ती है।
कुछ दिन पहले डल्लेवाल का रक्तचाप 80/50 के बीच दर्ज किया गया था, जो कि अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, “(डल्लेवाल की) हृदय गति रुकने की आशंका है।”चिकित्सकों ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए प्रदर्शन स्थल पर चिकित्सा उपकरण लगाए हैं। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. करण जेतवानी कुछ दिन पहले डल्लेवाल की जांच करने के लिए खनौरी सीमा पर पहुंचे थे।
डल्लेवाल से लंबे समय से जुड़े किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि वह (डल्लेवाल) पांच बार भूख हड़ताल कर चुके हैं, “लेकिन इस बार डल्लेवाल का अनशन 2011 में अन्ना हजारे के 13 दिन के अनशन से भी लंबा हो गया है।” डल्लेवाल ने किसानों की विभिन्न मांग के समर्थन में मार्च 2018, जनवरी 2019 और 2021, नवंबर 2022 और जून 2023 में अनशन किया था।
पंजाब के पुलिस प्रमुख गौरव यादव और गृह मंत्रालय के निदेशक मयंक मिश्रा ने रविवार को डल्लेवाल से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल ने यादव और मिश्रा से कहा कि सरकारों की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या करने वाले सात लाख किसानों का जीवन उनके जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है। डल्लेवाल अपना अनशन तभी तोड़ेंगे, जब किसानों की मांगें मान ली जाएंगी। अगर केंद्र ने किसानों की मांगें नहीं मानीं, तो डल्लेवाल अपने जीवन का बलिदान देने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं।
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