किसानों को सिंचाई में नहीं होगी दिक्कत… नहरों व खालों में छोड़ा जाएगा 21 हजार क्यूसेक पानी : सीएम मान

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संगरूर । मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को अपने पैतृक गांव सतौज के दौरे के दौरान ग्रामीणों से बातचीत करते हुए एलान किया कि राज्य में टिकाऊ खेती व जल संरक्षण को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि नहरों में दो भाखड़ा नहरों के बराबर पानी 1 मई से छोड़ा जाएगा। इससे आगामी धान सीजन में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उसके जल संसाधनों से जुड़ा हुआ है।

इसलिए भूजल को बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करें व नहरी पानी का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकें।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस बार 1 मई से ही नहरी पानी की आपूर्ति शुरू की जा रही है, जो एक ऐतिहासिक कदम है। आमतौर पर धान की बुवाई के समय पानी दिया जाता था, लेकिन इस बार पहले ही पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 21,000 क्यूसेक पानी नहरों और खालों में छोड़ा जाएगा।

सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2026 से अब तक सिंचाई परियोजनाओं पर लगभग 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत करीब 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है और नहरों व खालों को दुरुस्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि धान सीजन से पहले 4,000 किलोमीटर और खालों तथा 3,000 किलोमीटर पाइपलाइन को चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर 20 मीटर की दूरी पर रिचार्ज पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जिससे भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम सिर्फ मौजूदा फसल चक्र के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।

5 मई को राष्ट्रपति से करेगे मुलाकातः मान

वहीं, धार्मिक मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत बेअदबी करने वालों को उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। यह कानून समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब व देश के राजनीतिक हालात का मुद्दा उठाने के लिए 5 मई को राष्ट्रपति से मिलेंगे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली की तारों को जमीन के नीचे दबाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत किसानों की सुरक्षा बढ़ेगी, फसलों का नुकसान कम होगा व खेती के कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और पंजाब को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गांववासियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

 

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