सेक्टर-16डी के निवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से की तत्काल कार्रवाई की मांग
पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 15 जून। चंडीगढ़ के सेक्टर-16डी स्थित मकान नंबर 708 से 723 तक के निवासी इन दिनों गंभीर सुरक्षा और सफाई संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मकानों की छतों पर लगी सोलर प्लेटें कई स्थानों पर टूटी हुई हैं तथा बिजली की तारें खुले रूप में पड़ी हुई हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
निवासियों के अनुसार कई जगहों पर बिजली के तारों को अस्थायी रूप से छोटे लोहे के एंगल लगाकर आपस में जोड़ा गया है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया तो किसी भी समय करंट लगने या अन्य गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने CPDL और चंडीगढ़ प्रशासन, बिजली विभाग, इंजीनियरिंग विंग तथा नगर निगम से अपील की है कि मौके का निरीक्षण कर समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
निवासियों ने यह भी बताया कि मकानों की छतों पर छोटे-छोटे पेड़, झाड़ियां और घास उग आई हैं, जिनकी सफाई लंबे समय से नहीं हुई। इसके अलावा कई स्थानों पर बरसाती पानी की निकासी करने वाली पाइपें टूटी हुई हैं या ब्लॉक पड़ी हैं, जिससे वर्षा के दौरान पानी जमा होने की संभावना बनी रहती है। घरों के आगे-पीछे स्थित गटरों और सीवरेज लाइनों की सफाई भी समय पर नहीं हो रही, जिससे बरसात में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ सकती है।
लोगों का कहना है कि जब वे स्वयं छतों की सफाई करने का प्रयास करते हैं तो खुले बिजली के तार उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि यह समस्या केवल सेक्टर-16डी तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई अन्य सेक्टरों और चंडीगढ़ से सटे गांवों में भी इसी प्रकार की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने मांग की कि प्रशासन और नगर निगम संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर छतों की सफाई, पेड़ों की छंटाई, सोलर सिस्टम की मरम्मत, बिजली के खुले तारों को सुरक्षित करने, गटरों एवं सीवरेज की सफाई तथा वर्षा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि बरसात शुरू होने से पहले आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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