जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का निदेशक मत्स्य पालन विभाग ने किया औचक निरीक्षण

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क्लोज सीजन की समाप्ति के बाद मत्स्य गतिविधियों की समीक्षा, मछुआरों से किया सीधा संवाद
एएम नाथ।  बिलासपुर, 19 अगस्त: मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्रदेश के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कांत ठाकुर ने आज सहायक निदेशक मत्स्य चंचल ठाकुर तथा पंकज ठाकुर के साथ जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य क्लोज सीजन की समाप्ति के उपरांत मत्स्य गतिविधियों की समीक्षा करना रहा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 16 अगस्त को क्लोज सीजन समाप्त होने के बाद मत्स्य गतिविधियां पुनः आरंभ हुई हैं। इसी क्रम में चौथे दिन जकातखाना फिश लैंडिंग सेंटर का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों ने मौके पर मत्स्य गतिविधियों का जायजा लिया। जिला मुख्यालय बिलासपुर से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित यह मत्स्य अवतरण केंद्र मत्स्य मंडल बिलासपुर के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र के दैनिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं प्रबंधन के लिए विभाग द्वारा एक मत्स्य अधिकारी तथा दो फील्ड असिस्टेंट तैनात किए गए हैं, जो केंद्र की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की निगरानी करते हैं।
जकातखाना मत्स्य अवतरण केंद्र के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 10 मत्स्य सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं, जिनसे लगभग 792 मछुआरे जुड़े हुए हैं। ये मछुआरे मत्स्य पालन एवं मछली पकड़ने के माध्यम से अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। पंजीकृत मछुआरों द्वारा पकड़ी गई विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत फिश लैंडिंग सेंटर पर लाया जाता है। यहां मछली का उचित वजन एवं आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत इसे अधिकृत मत्स्य ठेकेदार को सौंपा जाता है, जिसके माध्यम से समीपवर्ती बाजारों में मछली विक्रेताओं को इसकी आपूर्ति की जाती है।
निरीक्षण के दौरान निदेशक मत्स्य पालन ने उपस्थित मछुआरों से सीधा संवाद किया तथा उनके कार्यों, मत्स्य गतिविधियों और पेश आ रही व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस सीजन में पिछले वर्ष की तुलना में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों की आवक की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने मछली उत्पादन में हुई वृद्धि, विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता तथा उत्पादन से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी मछुआरों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को मत्स्य अवतरण केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने तथा मछुआरों की व्यावहारिक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य गतिविधियों से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मत्स्य संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
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