जनगणना के आंकड़े सरकार की नीतियों और योजनाओं के निर्धारण की आधारशिला : DC जतिन लाल

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रोहित जसवाल।  ऊना 18 मार्च: जनगणना देश का सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय कार्य है, जिसके आंकड़े विकास योजनाओं की आधारशिला तैयार करते हैं तथा सरकार को जनहित में प्रभावी नीतियां बनाने में सक्षम बनाते हैं। यह बात उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जनगणना-2027 के सफल संचालन हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को नवीन तकनीकों, डिजिटल साधनों तथा जनगणना की प्रक्रिया से भली-भांति अवगत करवाना है, ताकि कार्य सुचारू और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता, निष्ठा, ईमानदारी और सजगता के साथ करें ताकि फील्ड में प्रत्येक व्यक्ति और परिवार के सही आंकड़े दर्ज हो सके।May be an image of one or more people, people studying and table
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का अवसर है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने और जनगणना 2027 को सफल बनाने में अपना पूर्ण योगदान देने का आह्वान किया और फील्ड में कार्य करते समय व्यवहार कुशलता के साथ समयबद्ध कार्य निष्पादन पर भी बल दिया।
मानचित्र निर्माण व क्षेत्र निर्धारण का व्यावहारिक अभ्यास करवाया
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को डिग्री कालेज ऊना की कम्प्यूटर लैब में प्रैक्टिकल सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रशिक्षुओं को जनगणना कार्य से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया, जिससे वे धरातल स्तर पर कार्य करने के लिए पूर्णतः सक्षम बन सकें।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिभागियों को मोबाइल ऐप और सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया, जिसके तहत मानचित्र निर्माण, क्षेत्र निर्धारण और मकानों को सूचीबद्ध करने का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया। इसके अलावा घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया, आंकड़ों के संकलन, मोबाइल ऐप/टैबलेट के माध्यम से डाटा एंट्री तथा त्रुटि रहित जानकारी संकलन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी ताकि किसी भी परिस्थितियों का सामना करने और उसके समाधान के लिए सक्षम बने सकें। इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त निदेशक आशीष चौहान ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना हो रही है, जिसके लिए देश भर में कर्मचारियों को मोबाइल ऐप, जियो-टैगिंग और डेटा संग्रह का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहली जून से 15 जून तक फील्ड प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण तत्पश्चात् 16 जून से 15 जुलाई तक मकान सूचीकरण का कार्य पूरा करना प्रस्तावित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल सत्र से उन्हें कार्य की बारीकियों को समझने में विशेष सहायता मिली है।
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