भारत की बहुलतावादी सोच और वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय की ताकत को किया रेखांकित
आईओसी केरल चैप्टर द्वारा भव्य ‘यूडीएफ विक्ट्री सेलिब्रेशंस 2026’ कार्यक्रम का आयोजन
चंडीगढ़, 24 मई: केरल विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की ऐतिहासिक और निर्णायक जीत के अवसर पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के केरल चैप्टर द्वारा मेलबर्न के रोवविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में ‘विक्ट्री सेलिब्रेशंस 2026’ नामक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन दीवान भी प्रमुख अतिथियों में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आईओसी ऑस्ट्रेलिया के पदाधिकारियों द्वारा मनीष तिवारी का गर्मजोशी और आत्मीयता से स्वागत करने के साथ हुई। आईओसी नेताओं ने उनकी इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आईओसी ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम का मनोबल काफी बढ़ा है।
सभा को संबोधित करते हुए तिवारी ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ऑस्ट्रेलिया तथा विशेष रूप से उसके केरल चैप्टर को हाल ही में सम्पन्न हुए केरल चुनावों में यूडीएफ की निर्णायक जीत को समर्पित इस शानदार कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनका केरल राज्य के साथ बहुत पुराना और गहरा संबंध रहा है। केरल भारत की विविधता और बहुलतावाद का उत्सव मनाता है तथा देश की रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विविधता का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करता है।
अपने संबोधन के दौरान तिवारी ने कहा कि वे पंजाब से आते हैं, जिसकी आत्मा को तीन शब्दों—पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत—में समेटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि देश के दक्षिणी छोर पर स्थित केरल में भी वही बहुलतावाद, वही विविधता तथा मानव जीवन के प्रति वही सम्मान और मूल्य मौजूद हैं। अनेक मायनों में केरल और पंजाब के बीच काफी समानताएं हैं। यह समानता केवल उनकी धर्मनिरपेक्ष और बहुलतावादी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इस तथ्य में भी है कि दोनों राज्यों के दुनिया भर में विशाल प्रवासी समुदाय मौजूद हैं।
तिवारी ने कहा कि हममें से कई लोग अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और पृष्ठभूमियों से जुड़े हो सकते हैं तथा भारत में विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंध रखते रहे होंगे। लेकिन जब हम विदेश में होते हैं, तब सबसे पहले हम भारतीय होते हैं और बाकी सभी पहचानें उसके बाद आती हैं। यही भावना हमारे प्रत्येक कार्य की मार्गदर्शक होनी चाहिए। विदेशों में हमें केवल इंडियन नेशनल कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि भारत के नागरिकों के रूप में देखा जाता है। इसलिए हमारे हर अच्छे या बुरे कार्य का प्रभाव न केवल हमारे समुदाय पर, बल्कि भारत की छवि पर भी पड़ता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के लगातार बढ़ते विस्तार को देखते हुए उसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि आपके माध्यम से हम अपने संदेश, अपनी चिंताओं और ऑस्ट्रेलिया के साथ साझा रणनीतिक हितों को व्यापक स्तर तक पहुंचा सकते हैं। यह केवल रणनीतिक मुद्दों या वैश्विक साझा हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप इस महान देश में भारत के वास्तविक राजदूत हैं।
इस अवसर पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (ऑस्ट्रेलिया) के अध्यक्ष मनोज श्योराण, आईओसी ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखबीर संधू, आईओसी पंजाब के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरप्रीत सिंह डोड, आईओसी विक्टोरिया के अध्यक्ष कनवल प्रताप सिंह, आईओसी पंजाब के महासचिव तरनजीत गिल तथा आईओसी ऑस्ट्रेलिया के कानूनी सलाहकार बैरिस्टर गुरपाल सिंह और अश्विनी बावा भी उपस्थित रहे।
इसी प्रकार केरल चैप्टर की ओर से आईओसी केरल चैप्टर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीगेश, आईओसी ऑस्ट्रेलिया के महासचिव सोबन थॉमस, राष्ट्रीय सचिव बिजू सकारिया तथा सचिव अफजल ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इसके अतिरिक्त सुनील दत्त, वरुण शर्मा, सनी दत्त और राजा ढिल्लों भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
