दवाइयों के अभाव में लोग गंवा रहे जान, केंद्र से मिले स्वास्थ्य फंड को भी खर्च नहीं कर पा रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर

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नेता प्रतिपक्ष का आरोप—तीन वर्षों में 211.29 करोड़ स्वीकृत, सरकार ने खर्च किए सिर्फ 165.60 करोड़

एएम नाथ। शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल में लोग दवाइयों और बेहतर उपचार के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार की निःशुल्क दवा योजना के तहत उपलब्ध कराई गई राशि का भी प्रदेश सरकार पूरा उपयोग नहीं कर पा रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में केंद्र से स्वास्थ्य विभाग के लिए मिली सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं हो पाने के कारण वापस करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार के पास स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धन उपलब्ध है, वहीं दूसरी ओर कई परिवार महंगी दवाइयों और इलाज का खर्च उठाने के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैसा उपलब्ध है तो सरकार उसका समय पर उपयोग क्यों नहीं कर पा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

केंद्र के सहयोग के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल : जयराम

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए पर्याप्त सहयोग दे रही है, इसके बावजूद प्रदेश सरकार लगातार केंद्र पर सहयोग न करने के आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने विधानसभा में सामने आए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अतारांकित प्रश्न संख्या 1777 के जवाब में प्रदेश सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार की निःशुल्क दवा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 211.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इनमें से प्रदेश सरकार द्वारा 165.60 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि 45.69 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके।

मेडिकल कॉलेजों में भी दवाइयों की कमी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के दूरदराज के अस्पतालों की बात तो छोड़िए, मेडिकल कॉलेजों में भी सामान्य बीमारियों की दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सामग्री की कमी बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कई अस्पतालों में खांसी-जुकाम की दवाइयों के अलावा मरहम-पट्टी, नीडल और सिरिंज जैसी आवश्यक सामग्री की भी कमी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि महंगी दवाइयों की उपलब्धता तो दूर, कई जगह मरीजों को ग्लूकोज की बोतल तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए उपलब्ध बजट का समय पर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर जनता को जवाब देना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र से प्राप्त राशि का पूरा उपयोग क्यों नहीं हो पाया।

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