भीड़भाड़ वाले बाजारों और धार्मिक स्थलों पर बढ़ेगी पुलिस गश्त, चिट्टा तस्करी से लेकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर चलेगा अभियान
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश में दिवाली का त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिला एसपी को तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और सभी निर्देशों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है।
डीजीपी ने भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पटाखों से संबंधित सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करवाने के साथ आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
चिट्टा तस्करी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर चलेगा अभियान
पुलिस को शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार, अवैध शराब की बिक्री, जुआ और नशीले पदार्थों, विशेषकर चिट्टा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि इन प्रयासों से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा जन आंदोलन को भी मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा यातायात और पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाने, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सामग्री पर नजर रखने को कहा गया है। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जनता से विनम्रता से पेश आएं पुलिसकर्मी
अशोक तिवारी ने कहा कि पुलिस की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों को त्योहार मनाने में सुविधा मिले और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिसकर्मियों को व्यापारियों, बाजार संघों और सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने तथा आम जनता के साथ विनम्रता और संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने सभी जिला एसपी को सुरक्षा इंतजामों का पहले से निरीक्षण करने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और लगातार निगरानी रखने के लिए जवाबदेह बनाया है।
7 नवंबर तक देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
तैयारियों की निगरानी एडीजी/सीआईडी और रेंज के आईजी/डीआईजी करेंगे। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को 7 नवंबर 2026 तक पुलिस मुख्यालय में अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की तैयारियों का मूल्यांकन बैठकों और जारी निर्देशों की संख्या से नहीं, बल्कि धरातल पर सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता, रोकी गई अप्रिय घटनाओं और आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के आधार पर होगा। उन्होंने नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ दिवाली मनाने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना ईआरएसएस-112 पर देने की अपील की।
