नेपाल में लगातार दो दिनों से सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। देशभर में लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिससे हालात और बिगड़ गए।
इसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है 300 से ज्यादा घायल है।
इस उथल-पुथल के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जनता के आक्रोश और राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। देश में अब राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन गई है। जानकारी के मुताबिक, ओली ने देश छोड़ दिया और वो दुबई में श्ररण ले सकते हैं। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एयरपोर्ट पर प्राइवेट जेट था तैयार : स्थानिय मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद से ही तय हो गया था कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार पर संकट के बादल झा गए हैं। इसके चलते मंगलवार की सुबह से ही एयरपोर्ट पर ओली के लिए प्राइवेट जेट तैयार खड़ा था। मीडिया के मुताबिक ओली के इस्तीफे के ऐलान से पहले ही देश छोड़कर दुबई भाग निकले थे।
राजधानी काठमांडू में मगंलवार को भी हिंसक आंदोलन जारी है। हजारों छात्र सड़को पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिती इतनी गंभीर है कि प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उन पर लात-घूसों की बारिश कर दी।
नेपाल में थम नहीं रही हिंसा : प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में घुसकर भारी तोड़फोड़ और आगजनी की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और शेर बहादुर देउबा के आवासों को भी निशाना बनाया। इसके अलावा हाल ही में गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन अब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी है। पुलिस की गोलीबारी में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं।
