एएम नाथ। धर्मशाला, 09 अप्रैल: ऐतिहासिक धुम्मू शाह मेले के दूसरे दिन वीरवार को उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने भराड़ी माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में एसपी अशोक रत्न ने कहा कि कुश्ती भारत में एक पेशेवर खेल के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को पहचान दिला रही है। उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं।

अशोक रत्न ने कहा कि मेला हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है, जिसे हम अपने जीवन से अलग नहीं कर सकते। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज के लोग एक मंच पर एकत्रित होते हैं, आपसी संवाद बढ़ता है और एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलता है। वर्तमान समय में जब जीवनशैली में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, ऐसे सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के निर्माण में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नशे पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।

इससे पूर्व मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और मेले के आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मेले में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे इसकी सांस्कृतिक गरिमा और भी बढ़ रही है।
दंगल प्रतियोगिता में देश-प्रदेश के नामी पहलवान भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
