पंजाब पुलिस के कर्मचारी को CBI ने बहन के घर से दबोचा : Fake Encounter Case में 20 साल से था फरार,

by

मोहाली। दो दशक से अधिक समय तक गिरफ्तारी से बचने वाले पंजाब पुलिस के कर्मचारी 55 वर्षीय कश्मीर सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया है।

1991 के फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपित कश्मीर सिंह मोगा में अपनी बहन के घर छिपा हुआ था। वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर सिंह को 2005 में भगोड़ा घोषित कर चुके थे। उसे उसके नाम पर जारी एक मोबाइल सिम कार्ड की मदद से ट्रेस किया गया। वह पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में था और जांच एजेंसी ने उसे मोगा के एक गांव से गिरफ्तार किया। इस समय वह कश्मीर में एक कॉन्स्टेबल के रूप में सेवा दे रहा था।

मामले में सह-आरोपी तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एसआई दलबीर सिंह और एएसआई रवेल सिंह को मार्च 2023 में सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया और पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई थी।

सीबीआई के सार्वजनिक अभियोजक ने बताया कि वह छिपने के बाद एक प्रोक्लेम्ड अपराधी घोषित किया गया था। सूबा सिंह, दलबीर सिंह और एएसआई को मार्च 2023 में सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया और पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई थी।

अब जब कश्मीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है तो मुकदमे की कार्यवाही वहां से शुरू होगी जहां से छोड़ी गई थी। गवाहों की जिरह जल्द ही फिर से शुरू होगी। इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने निजी तौर पर बताया कि एजेंसी उसके रिश्तेदारों के खिलाफ फरार को शरण देने के आरोप में भी कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रही है।

यह है मामला

मामला 7 अगस्त 1991 का हैं, जब मल्लोवाल सांता गांव के निवासी बलजीत सिंह को तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एसआई दलबीर सिंह, एएसआई रवेल सिंह और कॉन्स्टेबल कश्मीर सिंह द्वारा अगवा कर मार डाला गया था।

सीबीआई की जांच के अनुसार, बलजीत अपने भाई परमजीत सिंह के साथ चाबल बस स्टैंड पर सुबह करीब 10 बजे खड़ा था जब पुलिसकर्मी उसे जबरन कार में उठाकर थाने ले गए। कांबो गांव के सरपंच रहे गवाह अनूप सिंह ने घटना की जानकारी बलजीत के पिता को दी।

बलजीत के लापता होने के बाद उसका पता नहीं चला। उसकी पत्नी बलबीर कौर ने हाईकोर्ट में उसकी तलाश के लिए रिट याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसकी जांच में पाया गया कि बलजीत को अवैध रूप से हिरासत में रखकर मार डाला गया था।

इन निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई कोर्ट ने 2023 में तीन पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया। कश्मीर सिंह की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में आखिरी आरोपी अब करीब 34 साल बाद मुकदमे का सामना करेगा।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

गृहमंत्री अमित शाह को पत्र : पंजाब के निवासियों के हथियार लाइसेंस चंडीगढ़ में भी मान्य हों – कुलतार सिंह संधवां

चंडीगढ़, 29 जनवरी । पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखकर चंडीगढ़ को पंजाब के निवासियों के लिए हथियार लाइसेंस के अधिकार क्षेत्र...
article-image
पंजाब

ED ने IAS कंवलप्रीत कौर बराड़ को किया तलब, मोहाली के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट मामले में होगी पूछताछ

संशोधित CLU मंजूरी और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में 18 अगस्त को पेश होने का समन चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोहाली के चर्चित सनटेक सिटी मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी जांच...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री- रूपा गांगुली डिप्टी सीएम

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे। इसके अलावा दो डिप्टी सीएम भी होंगे। गृह मंत्रालय सुवेंदु अधिकारी के पास ही रहेगा। 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसकी घोषणा...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

चाचा ने की भतीजे की हत्या : भाई के सिर में लोहे का पाइप मारा

पटियाला :  गांव एहरू कलां में जायदाद के विवाद के चलते  चाचा ने अपने ही भतीजे के घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी। भाई को बचाने आए सगे भाई बलजिंदर सिंह पर भी जानलेवा...
Translate »
error: Content is protected !!