अविनाश राय खन्ना बोले- किसानों को सजा देने के बजाय मशीनें, सब्सिडी और आर्थिक मदद दे सरकार; 15 सितंबर से 2 नवंबर तक पराली जलाने की 1,612 घटनाएं दर्ज
चंडीगढ़ । पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले पराली जलाने का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। पंजाब बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार से पराली जलाने के मामलों में किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, जुर्माना लगाने और जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने की कार्रवाई बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को दंडित करने के बजाय सरकार को उनकी समस्याएं समझकर पराली प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
खन्ना ने कहा कि पराली जलाने की समस्या का समाधान पुलिस कार्रवाई से नहीं होगा। सरकार को किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए बेलर, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी मशीनें उपलब्ध करानी चाहिए। ये मशीनें गांवों में किराये पर मुहैया करवाई जाएं, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी इनका इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने सब्सिडी, डीजल और आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि खेती की लागत बढ़ रही है और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। ऐसे में सरकार को किसान संगठनों के साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
पंजाब में 1,612 जगह खेतों में लगी आग
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 15 सितंबर से 2 नवंबर के बीच खेतों में आग लगाने की 1,612 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें तरनतारन जिले में सबसे अधिक 489 घटनाएं दर्ज की गईं। फिरोजपुर में 193 और अमृतसर में 192 मामले सामने आए। अधिकारियों ने पराली जलाने के मामलों में 423 एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा 573 मामलों में पर्यावरण को हुए नुकसान के मुआवजे के तौर पर 29 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
सीजन की शुरुआत में नोडल और निगरानी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। चार नोटिस से शुरू हुआ यह आंकड़ा 1 नवंबर तक बढ़कर 536 हो गया। राज्य सरकार के अनुसार, पंजाब में खेतों में आग लगाने की घटनाएं वर्ष 2023 में 36,663 थीं, जो 2025 में घटकर 5,114 रह गईं।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब पुलिस पर लगाए आरोप
दूसरी ओर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर पराली जलाने की घटनाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पुलिसकर्मी खुद खेतों में आग लगा रहे हैं और बाद में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के अलग-अलग जिलों में दर्ज 271 एफआईआर की प्रतियां लेकर आए हैं। सिरसा ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें कथित तौर पर खेतों में आग लगी दिखाई दे रही थी।
सिरसा ने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की एक हजार से अधिक घटनाएं हुई हैं और इनका असर दिल्ली के प्रदूषण पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पराली न जलाने को लेकर विज्ञापनों पर 20 से 25 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। उन्होंने मई 2025 में रीना गुप्ता को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए और उनके अरविंद केजरीवाल से पारिवारिक संबंध होने का आरोप लगाया।
सिरसा ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि जनवरी से अक्टूबर के बीच 220 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी से मध्यम श्रेणी में रही। उनके मुताबिक, अक्टूबर में दिल्ली का औसत एक्यूआई 166 दर्ज किया गया।
