एडिट-5 से भारी रिसाव के बाद पालचरा में तबाही, दो मकान दबे
13 से अधिक घर, दुकानें और कैफे क्षतिग्रस्त; एसडीएम ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
एएम नाथ। कुल्लू एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-2 के रैला स्थित एडिट-5 से पानी के भारी रिसाव के बाद पालचरा गांव में अफरा-तफरी मच गई। अचानक तेज बहाव के साथ मटमैला पानी और भारी मलबा गांव की ओर पहुंच गया, जिससे कई रिहायशी मकान, खेत और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई और प्रभावित परिवारों को रात में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार पानी और मलबे के तेज बहाव से दो मकान पूरी तरह दब गए, जबकि एक अन्य मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 13 से अधिक रिहायशी मकानों, तीन दुकानों और दो कैफे में पानी और मलबा घुसने से नुकसान हुआ है। खेतों में भी मलबा और मटमैला पानी भर गया, जिससे फसलों और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
हालात बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रात करीब 11 बजे प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अचानक घरों में पानी और मलबा घुसने से कई परिवारों को रात अपने रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों के घरों में गुजारनी पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि तेज बहाव और मलबे के कारण पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा।
घटना के बाद रैला स्थित एडिट-5 से लगातार हो रहे पानी के रिसाव को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण करवाने, नुकसान का विस्तृत आकलन करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों के साथ एसडीएम बंजार भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर हुए नुकसान और परिस्थितियों का निरीक्षण करने के बाद मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पानी के रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
