ऑडियो को AI से बना बताने के दावे पर फोरेंसिक जांच की चुनौती; SGPC से जुड़े रिकॉर्ड पर भी उठाए सवाल
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली दल के नेता विरसा सिंह वल्टोहा की ओर से की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत या अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और शिक्षकों ने उन्हें भाषा की मर्यादा बनाए रखना सिखाया है और वह हर सवाल का जवाब तथ्यों के साथ देने को तैयार हैं।
वल्टोहा की टिप्पणियों का जवाब देते हुए पन्नू ने 2015 में अपने खिलाफ दर्ज मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अकाली सरकार के समय उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसे उन्होंने करीब साढ़े चार साल तक अदालत में लड़ा और बाद में वह बरी हुए। पन्नू ने कहा कि यदि उनके खिलाफ निजी टिप्पणियां जारी रहीं तो वह उस मामले से जुड़े अपने अनुभव और तथ्यों को सार्वजनिक कर सकते हैं।
बहरीन की महिला को लेकर उठाए सवाल
बहरीन की एक महिला से जुड़े विवाद पर पन्नू ने वल्टोहा द्वारा कथित तौर पर महिला के चरित्र को लेकर की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महिला के संबंध में पहले से ऐसी जानकारी थी तो उसे पंजाब क्यों लाया गया और कथित तौर पर लंबे समय तक SGPC की सराय में क्यों ठहराया गया।
पन्नू ने महिला को कथित तौर पर SGPC की गाड़ी, सेवादारों और आर्थिक सहायता दिए जाने से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि इन दावों और रिकॉर्ड से संबंधित स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
ऑडियो विवाद पर फोरेंसिक जांच की चुनौती
वल्टोहा द्वारा कथित ऑडियो को AI से तैयार किए जाने के दावे पर पन्नू ने कहा कि यदि ऑडियो फर्जी है तो इसकी फोरेंसिक जांच करवाई जानी चाहिए और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट हो सकता है कि ऑडियो वास्तविक है या कृत्रिम तरीके से तैयार की गई है।
महिला से संपर्क को लेकर भी सवाल
पन्नू ने वल्टोहा के बयानों का हवाला देते हुए महिला के साथ उनके संपर्क को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि महिला वल्टोहा और अन्य लोगों के संपर्क में कैसे आई और उसे पंजाब लाने का उद्देश्य क्या था।
अकाली और SGPC नेतृत्व से जवाब की मांग
पन्नू ने वरिष्ठ अकाली नेतृत्व और SGPC नेतृत्व की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल और SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से इस मामले में सामने आए सवालों तथा महिला से जुड़े SGPC रिकॉर्ड और फैसलों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने मात्र से उसके चरित्र पर टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं मिल जाता। पन्नू ने कहा कि उन्होंने अब तक निजी टिप्पणियों का जवाब देने से परहेज किया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े तथ्य सार्वजनिक करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक और सार्वजनिक बहस में अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखेंगे तथा व्यक्तिगत आरोपों का जवाब भी तथ्यों के आधार पर देंगे।
