अमृतसर : सिख धर्म से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए बनाए जा रहे कानून पर विचार करने हेतु छह अप्रैल को अमृतसर में एक अहम पंथक बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से किया जा रहा है। इस संबंध में समिति के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने सभी सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और संगठनों के नेताओं से बैठक में पहुंचने की अपील की है। यह बैठक अमृतसर स्थित तेजा सिंह समुंदरी हाल में सुबह 11 बजे शुरू होगी।
धामी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब सिखों के जीवित गुरु हैं और उनकी बेअदबी का मामला पूरी कौम के लिए बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय है। ऐसे में इस विषय पर किसी भी प्रकार का कानून बनाने से पहले सभी पंथक जत्थेबंदियों के साथ विस्तृत चर्चा कर साझा राय बनाना आवश्यक है।
सभी पक्षों की राय के बाद मजबूज निर्णय : उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह बैठक आयोजित की जा रही है, ताकि सभी पक्षों की राय सामने आ सके और एक मजबूत व सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय विचार-विमर्श के बाद ही आगे बढ़ना उचित होगा।
शिरोमणि समिति की ओर से इस बैठक के लिए सिख समाज के विभिन्न वर्गों को आमंत्रित किया गया है। इनमें निहंग सिंह दल, दमदमी टकसाल, सिख संस्थाएं, विद्वान, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोग, वकील, सिख मिशनरी कालेज, सिंह सभाएं, विभिन्न सिख फेडरेशन, संप्रदायों के प्रमुख, निर्मले, उदासी, सेवा पंथी और कारसेवा से जुड़े संत शामिल हैं।
मजबूत पंथक एकजुटता सामने आएगी
समिति का मानना है कि इस व्यापक भागीदारी से बेअदबी जैसे संवेदनशील विषय पर एक मजबूत पंथक एकजुटता सामने आएगी और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में बेअदबी की घटनाओं ने समाज में चिंता बढ़ाई है। ऐसे में बनने वाले कानून पर सभी पक्षों की सहमति जरूरी समझी जा रही है।
