चंडीगढ़ : आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की पत्नी इंस्पेक्टर परमजीत कौर सेखों को सीबीआई कोर्ट ने 15 दिन के लिए उनके गहने लौटाए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
इसके लिए परमजीत को 80 लाख रुपये श्योरिटी जमा करानी होगी। अगले महीने उनके भतीजे की शादी है, जिसके लिए उन्हें उनके सोने के गहने चाहिए थे।
चंडीगढ़ पुलिस के इस इंस्पेक्टर दंपती के खिलाफ सीबीआई ने दो साल पहले आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। तब सीबीआई ने उनके बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए थे। एक बैंक खाते में परमजीत कौर के 30 लाख रुपये के गहने भी पड़े हैं। अदालत ने एक शर्त भी रखी है कि 16 फरवरी तक इन गहनों को वापस सीबीआई के जांच अधिकारी को लौटाना होगा जो इन्हें दोबारा बैंक लाकर में सुरक्षित रखेंगे।
गहनों के बदले 80 लाख रुपये कीमत की श्योरिटी जमा कराने का आदेश इसलिए जारी किया गया, क्योंकि इन गहनों की कीमत अक्टूबर 2024 तक 30 लाख रुपये थी जोकि अब करीब 80 लाख रुपये हो चुकी है।
सीबीआई ने किया था विरोध
सीबीआई के सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने इस अर्जी का विरोध किया था और बहस के दौरान कहा था कि परमजीत कौर और उनके पति हरिंदर सिंह सेखों दोनों इस मामले में आरोपित हैं। इनके खिलाफ अभी जांच चल रही है। इनके गहने इस केस में अहम सबूत हैं और यह किस तरह से कमाए गए थे, इस बारे में जांच की जा रही है। इसलिए इस मौके पर इन्हें रिलीज नहीं करना चाहिए।
परमजीत कौर ने कहा-यह गहने मेरी मेहनत की कमाई
इंस्पेक्टर परमजीत कौर ने अर्जी में कहा था कि यह गहने उनकी मेहनत की कमाई के हैं। इन्हें रिलीज करने के लिए उन्होंने 21 जनवरी को सीबीआइ को लेटर भी लिखा था, लेकिन जब कोई हल नहीं हुआ ताे उन्होंने कोर्ट में अर्जी दाखिल की।
उन्होंने कहा कि सीबीआई उनके बैंक लाॅकर की जांच कर चुकी है और इन गहनों की कीमत का अनुमान भी लगाया जा चुका है। ऐसे में इस केस की जांच के लिए अब इनकी आवश्यकता नहीं है। इसलिए उन्होंने इसे रिलीज करने की मांग की।
पति का नाम रिश्वत मामले में आया तो हुई कार्रवाई
तीन साल पहले सीबाीआई ने सात लाख रुपये रिश्वत मामले में चंडीगढ़ पुलिस के एक काॅन्स्टेबल और दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया था। उस केस में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों का भी नाम सामने आया था। आरोप थे कि यह रिश्वत सेखों के नाम पर ही ली जा रही थी।
हालांकि सेखों की भूमिका के कोई सबूत नहीं मिले, लेकिन सीबीआई ने सेखों और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान सीबीआइ को पता चला कि दोनों ने आय से 80 प्रतिशत अधिक संपत्ति बनाई थी।
