पुलिस ने पकड़ी 31 किलो अल्प्राजोलम टैबलेट : दवाओं के साथ भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और निर्माण में इस्तेमाल मशीनें भी जब्त

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नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 31 किलो अल्प्राजोलम की टैबलेट बरामद की हैं जिनकी संख्या लगभग तीन लाख बताई जा रही है।

जांच में सामने आया है कि ये आरोपी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के साथ एनसीआर में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के उत्पादन और सप्लाई का अवैध नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने दवाओं के साथ भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और निर्माण में इस्तेमाल मशीनें भी जब्त की हैं। ये दवाएं एक अवैध फैक्ट्री में बनाई जा रही थीं।

खुफिया इनपुट पर बड़ा ऐक्शन :  एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में नशीली दवाओं के अवैध धंधे से जुड़े एक गिरोह का हिस्सा थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। खुफिया इनपुट मिलने पर टीम ने नंद नगरी बस डिपो के पास एक कार को रोका और उसमें सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार यूपी रजिस्टर्ड नंबर की थी।

उत्तरप्रदेश के  है आरोपी :  अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी शमीम, बुलंदशहर निवासी राजीव शर्मा और मोहित गुप्ता के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की। अनुमान है कि गोलियों की संख्या करीब तीन लाख है। ये गोलियां स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत आती हैं। अल्प्राजोलम की व्यावसायिक मात्रा की सीमा 100 ग्राम है।

पुलिस ने बताया कि गोलियों के साथ टीम ने अल्प्राजोलम लिखे 11 किलो एल्युमीनियम फॉइल पैकेजिंग के लिए 25 किलो पीवीसी शीट रोल, बैच नंबर और तारीख वाली 20 मुहरें और एक कार जब्त की है। इतनी बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और प्रिंटिंग उपकरण मिलने से पता चलता है कि किसी अवैध फैक्ट्री में ये दवाएं बनाई जा रही थीं। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में कार मोहित गुप्ता के नाम पर मिली जिसे आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह मोहित गुप्ता के कहने पर हिमाचल प्रदेश में शमीम और उसके साथी रणदीप से अल्प्राजोलम की गोलियां लेता था और उन्हें बुलंदशहर की स्थानीय दुकानों पर बेचता था। पुलिस के अनुसार, शमीम ने बताया कि वह और उसका साथी हिमाचल प्रदेश के परवानू में एक अवैध फैक्ट्री चला रहे थे जहां ये गोलियां बनाई जाती थीं। फिर उन्हें हिमाचल और उत्तर प्रदेश के सप्लायर्स को भेजा जाता था।

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