मज़दूर अधिकारों के लिए 5 जून चंडीगढ़ और 9 जून लुधियाणा में होगा रोष प्रदर्शन

by

पुनीत महाजन l चंडीगढ़ : मज़दूरों के अधिकारों, सम्मानजनक जीवन और श्रम कानूनों को लागू करवाने की मांग को लेकर 5 जून 2026 को चंडीगढ़ तथा 9 जून 2026 को लुधियाणा में विशाल रोष प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह प्रदर्शन कारखाना मज़दूर यूनियन, चंडीगढ़, कारखाना मज़दूर यूनियन, पंजाब तथा टेक्सटाइल-होज़री कामगार यूनियन, पंजाब के नेतृत्व में आयोजित किए जा रहे हैं।
यूनियनों ने कहा कि आज देशभर का मज़दूर वर्ग भारी महँगाई, बेरोज़गारी, कम वेतन, असुरक्षित रोजगार और लगातार बढ़ते शोषण का सामना कर रहा है। फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों, कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले मज़दूर 12-12 और 14-14 घंटे तक मेहनत करने के बावजूद अपने परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर बड़े पूँजीपति और कंपनियां मज़दूरों की मेहनत से भारी मुनाफ़ा कमा रही हैं।
यूनियनों ने आरोप लगाया कि अधिकांश उद्योगपति मज़दूरों को कानूनी अधिकार देने से बच रहे हैं। आठ घंटे कार्यदिवस, न्यूनतम वेतन, दोगुना ओवरटाइम भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई, साप्ताहिक छुट्टियाँ और सुरक्षा सुविधाओं जैसे अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। महिला मज़दूरों को समान काम के बदले कम वेतन दिया जा रहा है तथा ठेका और अस्थायी रोजगार के जरिए मज़दूरों का शोषण बढ़ाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकारों पर भी मज़दूर विरोधी नीतियाँ अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकारें पूँजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी हैं जबकि महँगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहे मज़दूरों की समस्याओं पर गंभीर कदम नहीं उठाए जा रहे।
यूनियनों ने कहा कि अब मज़दूर वर्ग के पास एकजुट संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। इसी उद्देश्य से 5 जून को लेबर दफ्तर, सेक्टर-30बी, चंडीगढ़ तथा 9 जून को डीसी दफ्तर, लुधियाणा के बाहर रोष प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी।
प्रमुख मांगें:
आठ घंटे कार्यदिवस लागू किया जाए।
न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये तय किया जाए।
ओवरटाइम का दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
महिला मज़दूरों को पुरुषों के बराबर वेतन दिया जाए।
साप्ताहिक, त्यौहार, बीमारी और सरकारी छुट्टियाँ वेतन सहित लागू हों।
महँगाई पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
सभी श्रम कानूनों और मज़दूर अधिकारों को सख्ती से लागू किया जाए।
चारों नए श्रम कोड/मज़दूर विरोधी कानून रद्द किए जाएँ।
यूनियनों ने सभी मज़दूरों, मेहनतकश लोगों और लोकतांत्रिक संगठनों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होकर मज़दूर अधिकारों की आवाज़ बुलंद करें।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को डेढ़ लाख रुपये तक कैशलैस इलाज की सुविधा : डीसी गंधर्वा राठौड़

डीसी गंधर्वा राठौड़ ने डाटा अपलोडिंग के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के दिए निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर की गई चर्चा हमीरपुर 27 मार्च। उपायुक्त गंधर्वा...
article-image
पंजाब

खालसा कॉलेज गढ़शंकर में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन बब्बर अकाली मेमोरियल

गढ़शंकर – खालसा कॉलेज गढ़शंकर में विज्ञान विभाग की ओर से ‘सतत विकास के लिए जल संचयन की विधि और चुनौतियाँ’ विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन सचिव डॉ. कुलदीप...
article-image
पंजाब

म्हरोवाल में टीबी बीमारी का सर्वे शुरू : हर घर मे किया जाएगा टीबी के प्रति जागरूक…. डॉ रघवीर सिंह।

गढ़शंकर – भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सिविल सर्जन होशियारपुर व सीनियर मेडिकल अफसर पोसी डॉ रघवीर सिंह की अगुवाई में पीएचसी पोसी के अधीन पड़ते गांव म्हरोवाल में टीबी...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

आप ने बताई वजह – क्यों केजरीवाल के बेड रूम में लगा है सीसीटीवी कैमरा, ड्रॉइंग रूम में नहीं

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री आवास में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की कथित तौर पर पिटाई के मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच को सबसे अहम माना जा रहा है। स्वाति...
Translate »
error: Content is protected !!