मिंजर मेले में हिमाचली कलाकारों को मिलेगा अधिक मंच, व्यवस्थाओं पर प्रशासन सतर्क

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मिंजर मेला 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, 26 जुलाई से 2 अगस्त तक होगा आयोजन

मेले की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी : कुलदीप सिंह पठानिया

एएम नाथ। चंबा :  अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मिंजर मेला-2026 की तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को जिला मुख्यालय चंबा के बचत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की। इस दौरान मेले के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं और कार्य प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आय-व्यय प्रबंधन, निमंत्रण पत्र एवं स्मारिका प्रकाशन, परिवहन, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, खेलकूद प्रतियोगिताओं, चौगान मैदान के रखरखाव, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं सहित कला केंद्र और मंजरी गार्डन में आवश्यक मरम्मत कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि मिंजर मेला जिला चंबा की पहचान, गौरव और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जिले की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सौहार्द का परिचायक भी है। उन्होंने कहा कि मेले के मूल स्वरूप और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता और ईमानदारी से निर्वहन करते हुए यह सुनिश्चित करें कि मेले के दौरान किसी प्रकार की व्यवस्था संबंधी कमी न रहे।
उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने तथा हिमाचली कलाकारों को अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने जिला वासियों को मिंजर मेले की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
विधायक नीरज नैय्यर ने बैठक में सरस मेले के आयोजन तथा बालू (भगोत) क्षेत्र के समीप अस्थायी पार्किंग सुविधा विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया। बैठक में विभिन्न समितियों के सदस्यों ने भी मेले के सफल आयोजन को लेकर अपने सुझाव और विचार साझा किए।
कार्यकारी उपायुक्त अमित मैहरा ने जानकारी दी कि परंपरा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला इस वर्ष 26 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक चौगान नंबर-1 में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कला केंद्र में आठ सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। इनमें अंतिम सांस्कृतिक संध्या मध्यरात्रि 12 बजे तक चलेगी, जबकि अन्य सात कार्यक्रम रात्रि 10 बजे तक संपन्न कर दिए जाएंगे। उपायुक्त ने विभिन्न उपसमितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और तैयारियों की विस्तृत जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की।

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