मेरी और पीएम की तो पत्नी ही नहीं.’ महिला आरक्षण पर बोलते-बोलते ये क्या कह गए राहुल गांधी

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लोककसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान एक बहुत ही दिलचस्प और हल्का-फुल्का पल देखने को मिला. विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो सदन में हंसी की लहर दौड़ गई. राहुल गांधी ने महिलाओं के महत्व पर बात करते हुए कहा कि माँ, बहन और पत्नी के रूप में महिलाएं हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित करती हैं।

इसके तुरंत बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी तो पत्नी ही नहीं है. राहुल की यह बात सुनते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम सांसद जोर-जोर से ठहाके लगाने लगे और खुद राहुल भी अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाए।

हाथ की चोट और प्रियंका का जिक्र : सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने जब राहुल के हाथ पर पट्टी देखी तो उन्होंने चोट के बारे में पूछा. राहुल ने बताया कि उन्हें हाथ में चोट लगी है और फिर बिल पर बोलने का मौका देने के लिए स्पीकर का धन्यवाद किया. अपनी बात आगे बढ़ाते हुए राहुल ने अपनी बहन प्रियंका गांधी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्रियंका ने कल अपनी स्पीच के मात्र पांच मिनट में वह जादू कर दिखाया जो वह खुद पिछले 20 साल में नहीं कर पाए. राहुल की इस बात पर गृह मंत्री अमित शाह के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई और सदन का माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया।

दादी इंदिरा गांधी से मिली सीख :  राहुल गांधी ने अपनी चर्चा के दौरान अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद किया. उन्होंने बताया कि उनकी दादी ने ही उन्हें सच बोलने और डर से लड़ने का पाठ पढ़ाया था. बचपन की एक कहानी सुनाते हुए राहुल ने सत्ता पक्ष पर तंज भी कसा और कहा कि यह सरकार समस्याओं का सामना करने से डरती है. उन्होंने दलील दी कि सरकार अंधेरे में जाने से बच रही है जबकि किसी भी बड़ी समस्या का हल निकालने के लिए उसके आर-पार जाना जरूरी होता है. राहुल ने महिलाओं को देश की ड्राइविंग फोर्स बताते हुए कहा कि आज वे हर क्षेत्र में मुख्य भूमिका निभा रही हैं ।

महिला आरक्षण बिल पर कड़ा विरोध :  सदन में हंसी-मजाक के बाद राहुल गांधी ने बिल की खामियों पर सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस विधेयक का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह ओबीसी समाज के अधिकारों को छीनने की एक साजिश है. राहुल ने कहा कि सरकार महिलाओं के पीछे छिपकर देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने इस बिल को एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों के खिलाफ बताते हुए कहा कि पूरा विपक्ष सरकार के इस प्रयास को गिराने के लिए तैयार है. राहुल के अनुसार साल 2023 में पारित हुआ बिल ही असली महिला आरक्षण बिल था और मौजूदा बिल केवल एक राजनीतिक दांव है।

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