रणदीप सुरजेवाला के पीछे पड़ी असम पुलिस : पवन खेड़ा केस में गुवाहाटी तलब

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नई दिल्ली  :  कांग्रेस के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा से मैराथन पूछताछ के बाद अब असम पुलिस ने अपनी जांच का रुख कांग्रेस के एक और कद्दावर नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला की तरफ मोड़ दिया है।

गुवाहाटी पुलिस ने सुरजेवाला को एक आधिकारिक समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. असम पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को 23 मई को पेश होने का कड़ा निर्देश दिया है. यह समन सीधे तौर पर उस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ा है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से बुधवार को ही असम पुलिस ने करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी. माना जा रहा है कि खेड़ा से हुई लंबी पूछताछ के बाद मिले सुरागों और बयानों के आधार पर ही अब सुरजेवाला को जांच के दायरे में लिया गया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?

यह पूरा सियासी और कानूनी घमासान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े बेहद गंभीर आरोपों के बाद शुरू हुआ।

लगाए थे सनसनीखेज आरोप: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गत 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर निशाना साधा था. खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास 3 विदेशी पासपोर्ट हैं और अमेरिका में उनकी 50 हजार करोड़ रुपये की एक बेनामी कंपनी मौजूद है।

FIR और पुलिसिया एक्शन: इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए रिनिकी भुइयां सरमा ने तुरंत गुवाहाटी में पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि और अन्य धाराओं में FIR दर्ज करा दी।

दिल्ली में रेड और पूछताछ: FIR दर्ज होने के बाद असम पुलिस एक्शन मोड में आ गई. बीते 7 अप्रैल को असम पुलिस की एक टीम ने अचानक दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापेमारी (रेड) की थी. इसी सिलसिले में आगे बढ़ते हुए बुधवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खेड़ा को बैठाकर करीब 10 घंटे तक सघन पूछताछ की।

सुरजेवाला पर क्यों कसा शिकंजा?

पवन खेड़ा के बाद अब रणदीप सिंह सुरजेवाला को समन भेजे जाने से साफ है कि असम पुलिस इस मामले में कांग्रेस के शीर्ष मीडिया और रणनीतिक सेल की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि 5 अप्रैल को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस और इन आरोपों के पीछे की प्लानिंग व कड़ियों में सुरजेवाला की क्या भूमिका थी. 23 मई को होने वाली इस पूछताछ पर अब पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।

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