रमनदीप को कत्ल करने वाले बाकी आरोपियों के नाम केस में डाले जाएं

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धारा 120बी लगाई जाए : समूह जत्थेबंदियां
गढ़शंकर I  गांव दिओवाल में गरीब लडक़ी रमनदीप कौर की रेप के बाद की हत्या के विरोध में समूह जत्थेबंदियों ने अंबेदकर चौंक से कमालपुर चौंक तक शांतिपूर्वक रोष मार्च निकाला गया, जिसमें समूह जत्थेबंदियों के नेताओं के अतिरिक्त सैकड़ें साथियों ने हिस्सा लिया। इस मौके नेताओं ने डी.एस.पी. जगदीश अत्री को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम मांग पत्र भेजा। नेताओं ने मांग पत्र द्वारा मांग की कि रमनदीप के कातलों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए तथा मामले में बाकी आरोपियों के नाम भी शामिल किए जाए। जिनकी गिनती नौ से दस बताई जाती है। इसके अतिरिक्त मामला फास्ट ट्रैक में चलाया जाए तथा तीन महीनों के अंदर सजा करवाई जाए। लडक़ी के भाई को सरकारी नौकरी दी जाए तथा परिवार की आर्थिक सहायता के लिए 30 लाख रुपए दिए जाए। इसके अतिरिक्त मांग पत्र में लड़कियों पर ससूराल परिावर द्वारा किए तश्दद के बाद पुलिस के पास दी अर्जी पर सुनवाई ना होने का भी जिक्र किया क्योंकि थानों में ज्यादातर ससूराल परिवार राजनीतिक शह के कारण बच जाते है या फिर आरोपियों होने के बाद फिर लडक़े पर ही मामला करवा कर बाकी सारे साफ बच निकलते है। इस मौके पर प्रैस को ब्यान जारी करते संगठनों के नेताओं ने कहा कि लडक़ी को किडनैप करने के बाद रेप व कतल करने वाले साजिशकर्ता कम से कम 10 थे परंतु पुलिस ने सिर्फ दो व्यक्तियों पर मामला दर्ज करके रमनदीप कौर का मर जाने के बाद भी मजाक उड़ाया है। नेताओं ने कहा कि इस तरह पहली बार नहीं हुआ। राजनीतिक दबाव के कारण हमेशा ही होता आया है तथा आम जनता के दबाव के बाद ही कार्यवाही होती है। नेताओं ने कहा कि बड़ी शर्म की बात है कि अभी तक लडक़ी के घर कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी का नेता नहीं पहुंचा बल्कि पुलिस पर दबाव बनाकर बाकी आरोपियों को बचाने में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने अभी इस खबर को जनता में नहीं लाया । कुछ इमानदार पत्रकार इसको उजागर कर रहे है। नेताओं ने आरोपियों की घटिया व दरिंदगी भरी करतूत बताते हुए कहा कि मैडीकल रिपोटर्् में लडक़ी के गुप्त अंग लैटरिंग पेशाब वाले स्थान पर बेतहाशा खुन निकल रहा था। इससे साफ पता लगता है कि लडक़ी से दरिंदगी करने वाले कम से कम दस थे। सबूत मिटाने के लिए लडक़ी को जहर दिया गया था। नेताओं ने कहा कि एक गली या सडक़ बनाते समय रीबन कटने के कारण खबरों में रहने वाले मंत्री अरोड़ा व हल्का विधायक पवन कुमार आदिया के लिए बड़ी शर्म की बात है कि अभी तक लडक़ी के पक्ष में कोई खबर नहीं लगाई। इससे पता चलता है कि इस तरह के आरोपियों को राजनीतिक शह प्राप्त है। रमनदीप के असली कातल यही है। नेताओं ने भाजपा के नेताओं पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि संजीव तलवाड़ व अविनाश राय खन्ना लडक़ी के घरवालों से मिलकर आए तथा वहां जत्थेबंदियों के नेताओं पर कांग्रेस खिलाफ भडक़ाने के अतिरिक्त इन्होंने कुछ नहीं किया। इन्होंने या तीक्षण सूद या इनके चमचों ने भी लडक़ी के हक में रोड़ पर नहीं आए क्योंकि वह गरीबों की बेटी थी।  अमीर दी होती तो शायद शाम सुंदर शाम अरोड़ा की कोठी भी घेर लेते क्योंकि इनके लिए अपने मंत्री व विधायक की मारपीट गरीब लडक़ी के कतल से ज्यादा अहमीयत रखती है। नेताओं ने मांग की कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए स्पैशल सैल बनाया जाए जिसकी कमांड मुख्यमंत्री के हाथ में हो तथा पुलिस को खुली छुट हो कि स्कूल कालेज को आने जाने समय उनका पीछ करने तथा छेडख़ानी करने वालों को सबक सिखाया जा सके। इसमें किसी राजनीतिक नेता की सुनवाई ना हो। नेताओं ने रमनदीप के कतल केस में धारा 120 बी व दो पर अतिक्ति आठ अन्य आरोपियों के नाम डाले जाने की मांग की। इस मौके पर तरसेम दीवाना, विशाल आदिया, अनिल बाघा, बिंदर सरोआ, अशोक सल्लन, अवतार बस्सी ख्वाजू, बिल्ला दियोवाल, तारा चंद, मुस्ताक अहमद, लक्की पिपलांवाला, अमन सिद्धू, राजू महितपुर, शिव, अमरजीत बब्बू सिंगड़ीवाल शामिल थे।
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