बाल मजदूरी व बाल-शोषण को लेकर हुई विशेष चर्चा
संवेदनशील जानकारी के संबंध में सूचना देने वाले की जानकारी गुप्त रखने का दिया गया आश्वासन
एएम नाथ। चम्बा : चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा द्वारा मंगलवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय लक्कड़मंडी तहसील डलहौजी में आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें स्कूल अध्यापकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा के सुपरवाइजर विक्की जरयाल व सुपरवाइजर पंकज कुमार ने चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 की विस्तृत जानकारी दी व मुफ्त चाइल्ड हेल्पलाइन फोन सेवा 1098 के माध्यम से नशे की लत में पड़े, जन्म पंजीकरण से वंचित, अनाथ, अर्ध-अनाथ, स्कूल छोड़ चुके, घर से भागे हुए, मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम, शोषित, अति निर्धन, बाल-विवाह से ग्रसित, बाल-मजदूरी से ग्रसित, छेड़छाड़ से पीड़ित, घरेलू हिंसा से पीड़ित व अन्य किसी भी कारण से शोषित बच्चों हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। टीम द्वारा पोक्सो अधिनियम के संबंध में भी जागरूक किया गया व बताया गया कि अध्यापक बच्चों के साथ हर अच्छी बुरी बात पर चर्चा करें और बच्चों के साथ उचित संवाद बनाए रखें।
बाल मजदूरी और बाल-विवाह की बुराई और इसके कारण स्वास्थ्य पर पढ़ने वाले कुप्रभावों एवं कानूनी कार्यवाही के संबंध में भी विशेष रूप से जागरूक किया गया।
टूरिस्ट क्षेत्र होने के कारण और जल्द कमाई के लालच में आकर बच्चे पढ़ाई पर ध्यान कम देते हैं। इसलिए उनको ऐसा न करने हेतु प्रेरित किया गया और अध्यापकों से आवाहन किया गया कि यदि कोई बच्चा ऐसा करता पाया जाता है तो उसकी जानकारी भी चाइल्ड हेल्पलाइन को देना सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों को यह भी बताया गया कि वे अंजान लोगों से मेलजोल न रखें और न हो अंजान व्यक्ति से कोई खाने पीने की वस्तु ही ग्रहण करें।

साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की संवेदनशील जानकारी के संबंध में सूचना देने वाले की जानकारी पूर्णतया गुप्त रखी जाती है। जिसके लिए सूचनाकर्ता स्वयं भी कंट्रोल रूम में उसकी जानकारी को सार्वजनिक न करने की हिदायत दे सकता है। जिसका चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा पूर्णतया पालन किया जाता है।
कार्यक्रम में टीजीटी आर्ट्स अध्यापक विक्रम चौहान, शास्त्री दिनेश कुमार, जेबीटी अध्यापिका अंजली पठानिया , जेबीटी अध्यापक कमलेश कुमार व नीरज कुमार सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रीना कुमारी सहित 60 बच्चे मौजूद रहे।
