खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ धरने में बैठे हिमाचल के मुख्यमंत्री; मतदाता अधिकारों की रक्षा का उठाया मुद्दा
एएम नाथ। शिमला/नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और संविधान की रक्षा के मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना दिया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत विपक्षी नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित धरने में शामिल होकर उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के माध्यम से देश को लोकतंत्र की राह दिखाई थी। राजघाट से उन्हीं मूल्यों को स्मरण करते हुए अपनी आवाज बुलंद की गई।
सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मत का महत्व है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और हर मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि संविधान की गरिमा बनाए रखना, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना महत्वपूर्ण है।
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा
INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
राजघाट पर प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों के साथ बैठक की। इसके बाद विपक्षी नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर धरने पर बैठे। यह प्रदर्शन दिल्ली में विपक्ष के लगातार तीसरे दिन के विरोध का हिस्सा था।
विपक्ष के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं, इसलिए मतदाता सूची से जुड़े दावों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
