मंडी में ‘विकसित भारत युवा संवाद-नो योर वोट’ कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर साधा निशाना, बोले- वोट चोरी के नाम पर लोगों को बरगलाकर अशांति फैलाने की कोशिश
एएम नाथ। मंडी। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में असफल रहने के बाद देश में अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय भीड़तंत्र के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं। हालांकि, ये सभी आरोप जयराम ठाकुर ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।
जयराम ठाकुर मंगलवार को सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संवाद-नो योर वोट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समझ चुके हैं कि देश ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है। इसके बावजूद वे प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। जयराम ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार में जन्म लेने के कारण राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं और इसी सोच के चलते अराजकता के माध्यम से देश में ‘रिजीम चेंज’ करना चाहते हैं।
उन्होंने बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और सीरिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश में भी इसी तरह के हालात पैदा करना चाहते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत को कमजोर करने की कोशिशें पहले भी होती रही हैं, लेकिन कोई भी ताकत देश की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और युवाओं का एक बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा है। इसलिए अराजकता के सहारे सत्ता हासिल करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
वोट चोरी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज देश में कुछ लोग वोट चोरी का मुद्दा उठाकर एक वर्ग को गुमराह करने और अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है, ताकि गलत नाम शामिल न हों और पात्र मतदाताओं के नाम सूची से न कटें।
उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली में शामिल कई लोगों को एसआईआर की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, लोगों के सामने गलत तथ्य रखकर उन्हें गुमराह किया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में लोगों को सही जानकारी दें और किसी भी तरह के राजनीतिक दुष्प्रचार से बचाएं।
जयराम ठाकुर ने अपने पहले चुनाव का अनुभव साझा करते हुए बताया कि मतदाता सूची में उनके नाम की वर्तनी गलत दर्ज होने के कारण उन्हें नामांकन पत्र में भी वही गलत नाम लिखना पड़ा था। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक मतदाता का नाम सही दर्ज होना जरूरी है। ‘नो योर वोट’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को मतदान प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
जयराम ठाकुर ने युवाओं के उत्साह, राष्ट्रभक्ति और देश के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब देश मजबूत, शांतिप्रिय, आत्मनिर्भर और स्थिर बने।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल अपने भविष्य के बारे में ही नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण के प्रति भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। युवाओं को मतदान के महत्व, अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने ‘नो योर वोट’ अभियान को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सुक्खू सरकार को घेरा
कार्यक्रम के दौरान जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराने वाली लैब का काम बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, मरीजों को जांच करवाने के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जरूरी जांच के मरीजों का सही उपचार कैसे संभव है। जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पहले नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्रभावित हुई और अब नि:शुल्क जांच सेवा भी बाधित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच सुविधा जल्द बहाल करने की मांग की, ताकि आम लोगों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े।
