सरकारी कर्मचारियों के आचरण को लेकर जारी किया सर्कुलर : कार्मिक विभाग ने सोशल मीडिया के लिए भी दी गाइडलाइन

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एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों के पहनावे को लेकर जारी निर्देशों का कर्मचारी पालन नहीं कर रहे हैं। कार्मिक विभाग ने 18 फरवरी व 16 मार्च को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। अभी भी सरकार के ध्यान में आया है कि कर्मचारी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। सचिवालय से लेकर निदेशालय व फील्ड के कार्यालयों में अभी भी जींस, पैंट जैसे कपड़े पहन कर ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं। कार्मिक विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में दोबारा से आदेश जारी किए गए हैं।

मंगलवार को सचिवालय प्रशासन सेवाएं-1 की ओर इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि सभी विभागों के कर्मचारियों को आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पत्र में सभी सरकारी कर्मचारियों के पहनावे, व्यवहार और इंटरनेट मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारी कार्यालय और न्यायालय में पेशी के दौरान उपयुक्त, औपचारिक, स्वच्छ, शालीन और सादे रंगों के वस्त्र पहनें। कैजुअल या पार्टी ड्रेस का इस्तेमाल न करें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों का आचरण और पहनावा कार्य स्थल पर शिष्टाचार, मर्यादा और पेशेवरिता को दर्शाना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान ही नहीं बल्कि ड्यूटी से बाहर भी कर्मचारियों को अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार बनाए रखना होगा। इंटरनेट मीडिया और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को लेकर भी कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा है कि व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया अकाउंट, ब्लॉग या अन्य मंचों पर सरकारी नीतियों से संबंधित अनाधिकृत टिप्पणियां सेवा नियमों का उल्लंघन मानी जा सकती हैं। आधिकारिक दस्तावेजों को अनाधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा करने पर भी रोक लगाई गई है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी पुस्तक, लेख, मीडिया कार्यक्रम या सार्वजनिक मंच पर विचार व्यक्त करते समय यह बताना आवश्यक होगा कि यह व्यक्तिगत विचार है। सरकार की नीतियों की आलोचना करने या विभिन्न सरकारों के बीच संबंधों को प्रभावित करने वाले सार्वजनिक वक्तव्यों से भी कर्मचारियों को दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। कार्मिक विभाग ने कहा कि इन दिशा निर्देशों का उद्देश्य सरकारी सेवा की निष्पक्षता, अनुशासन और अखंडता बनाए रखना है। ऐसी कई शिकायतें सरकार के ध्यान में आ रही हैं जिसमें अभी भी कर्मचारी इंटरनेट मीडिया में एक्टिव हैं। इससे पहले भी सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को हिदायत दी थी। मामला एक एचएएस अधिकारी का सामने आया था जिसके बाद सभी के लिए हिदायत जारी हुई। अब एक बार फिर से शिकायतें मिलने के बाद कार्मिक विभाग ने सख्त रूख अपनाया है।

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