मोगा : बाघापुराना कस्बे में शुक्रवार को सुबह करीब 11:30 बजे उस समय दहशत फैल गई, जब पुरानी रंजिश के चलते पट्टो हीरा सिंह वाला गांव के निर्दलीय सरपंच को गोलियों से भून दिया गया।
बताया जा रहा है कि जब उन पर फायरिंग हुई, तब वे अपनी थार गाड़ी में कोटकपूरा रोड पर पुलिस स्टेशन से थोड़ी ही दूरी पर अपने जिम, सुजान फिटनेस क्लब में जा रहे थे। गोलियों की आवाज़ से कस्बे में दहशत फैल गई। गंभीर रूप से घायल सरपंच को इलाज के लिए पास के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस दुखद घटना के बाद बाघापुराना और आस-पास के इलाकों में डर का माहौल है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आस-पास के CCTV कैमरों की जांच समेत कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक, उन पर 10 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाई गईं। दूसरी ओर सूचना मिलने पर मोगा के एसएसपी अजय गांधी समेत पुलिस के आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
एसएसपी अजय गांधी ने बताया कि हमलावर फॉर्च्यूनर गाड़ी पर सवार होकर आए थे। यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ है। पुलिस की ओर से हमलावरों का पीछा करने के लिए कई टीमें बनाई गई है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इसी के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को सहन नही किया जाएगा।
मृतक हरविंदर सिंह हैप्पी के चाचा जसविंदर सिंह ने बताया कि उसका गोद लिया हुआ बेटा किसी लड़की के तलाक के केस में उसकी मदद कर रहा था। इस मामले में उसको पहले भी कई बार धमकियां मिली थी। इसी के चलते निहाल सिंह वाला के विधायक मंजीत सिंह बिलासपुर ने उसके बेटे को सुरक्षा भी प्रदान की थी।
इसके बावजूद बाघापुराना के विधायक अमृत पाल सिंह सुखानंद उसे धमकाते रहे। वह कहते थे कि उनके मामले में दखल न दे वरना वह उसके खिलाफ एक्शन लेंगे। शुक्रवार को जब हरविंदर सिंह करीब 11:30 बजे अपने जिम में आया तो उन्होंने उस पर अंधाधुंध फायरिंग करवा दी और उनके बेटे को 8-9 गोलियां लगीं।
उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी है और कहा है कि इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस केस में इलाके के विधायक का नाम भी दर्ज किया जाए, क्योंकि वह लगातार धमकियां दे रहे थे। हमारी मांग है कि हमें इंसाफ दिया जाए और जब केस दर्ज हो जाएगा, उसके बाद ही हम पोस्टमॉर्टम करवाएंगे।
