हमने पूर्व सरकार के लिए कर्ज पर 38276 करोड़ का ब्याज चुकाया फिर भी प्रदेश का विकास नहीं रुकने दिया : जयराम ठाकुर

by

मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के बजाय प्रदेश के हितों का ध्यान रखे

एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की सोशल मीडिया पोस्ट से समझे जा सकते हैं हालात

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री के झूठ से असंतुष्ट होकर भारतीय जनता पार्टी के विधायक मंडल द्वारा सदन से वॉक आउट करने के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री हर वक्त झूठ बोलते हैं। जब हम भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई थी तो हमें 50 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में मिला था। कोरोना जैसी महामारी के बाद भी हमने विकास कार्य रुकने नहीं दिया। हमने कांग्रेस सरकार के समय 2016 से लंबित पड़े वेतन आयोग की सिफारिश को लागू किया। 5 साल के कार्यकाल के दौरान पूर्व सरकार द्वारा लिए गए कर्ज के बदले 38276 करोड रुपए ब्याज और ऋण अदायगी के रूप में दिया। हमारी सरकार की ऋण वापसी दर 95 फीसदी से ज्यादा थी। हमारी सरकार के पहले 2 साल के कार्यकाल में ऋण अदायगी 131.5 फीसदी था। यानी की अगर हमारी सरकार ने ₹100 का कर्ज लिया तो ₹131 रुपए की कर्ज अदायगी की। कोरोना के आने की वजह से पूरे दुनिया ने आर्थिक संकट देखा और हिमाचल अछूता नहीं था। इसलिए मुख्यमंत्री इधर-उधर की बातें करने के बजाय सीधे-सीधे अपनी नाकामी को स्वीकार करें और आगे से जितना समय उनके पास है प्रदेश के हितों की रक्षा पूरी ईमानदारी से करें। इधर-उधर की बातें करके केंद्र सरकार और पूर्व की भाजपा सरकार पर आरोप लगाकर अब वह बच नहीं सकते हैं। उनके द्वारा लिए गए असंगत फैसले और उनकी कार्य प्रणाली की वजह से पूरे प्रदेश की बार-बार किरकिरी हुई है और लोगों को बार-बार असुविधा का सामना करना पड़ा है।
एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की सोशल मीडिया पोस्ट से समझे जा सकते हैं हालात
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अधिकारियों की प्रताड़ना की वजह से हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्य अभियंता की जान जा चुकी है। इस मामले में सरकार द्वारा अधिकारियों को बचाया जा रहा है और उन्हें संरक्षण दिया जारहा है। प्रदेश में बेहद अहम पद पर बैठे पुलिस अधिकारी द्वारा एक के बाद एक दो सोशल मीडिया पोस्ट की गई है। इससे प्रदेश में अधिकारियों द्वारा की जा रही अराजकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में आज तक इस तरीके के हालात नहीं थे। मुख्यमंत्री को ऐसे मामले में निजी रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए। जिससे किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को किसी प्रकार की समस्या न हो।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

केंद्र सरकार से अब अपने हक की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ेगी हिमाचल सरकार – सीएम सुक्खू

एएम नाथ। शिमला :  हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि उनकी सरकार पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट  के तहत आने वाले फंड को हासिल करने की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सीएम रोजगार संकल्प सेवा से मिलेगी युवाओं को बेहतर जाॅब प्लेसमेंट: आरएस बाली

नगरोटा/ कांगड़ा , 10 जनवरी। पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमन्त्री रोज़गार संकल्प सेवा’’ आरंभ की गई है...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

सेहत बीमा योजना को प्रदेश में वास्तविकता से लागू करे पंजाब सरकार : खन्ना

होशियारपुर, 11 फरवरी  : पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार की 10 लाख की सेहत बीमा योजना पंजाब के अधिकतर अस्पतालों में लागू नहीं है जिसके चलते कई अस्पतालों में...
article-image
हिमाचल प्रदेश

OPS – जब तक कांग्रेस सत्ता में, तब तक ओपीएस जारी रहेगी : सुक्खू

धर्मशाला, 24 जनवरी  : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल कर अपना चुनावी वादे को पूरा किया है। उन्होंने...
Translate »
error: Content is protected !!