हाईकोर्ट ने अधिसूचना पर रोक बढ़ाई : 9 नगर निगम, 100 से अधिक नगर परिषदों के चुनाव फिर अटके …जानिए

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चंडीगढ़ :  राज्य के 9 नगर निगमों और 100 से अधिक नगर परिषदों/नगर पालिकाओं के चुनावों की अधिसूचना जारी करने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लगाई गई अंतरिम रोक को मार्च के तीसरे सप्ताह तक बढ़ा दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक चुनावों की अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी।

यह रोक राज्य सरकार द्वारा हाल ही में की गई नई वार्डबंदी को चुनौती देने वाली दर्जनों याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जारी रखी गई। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि नगर निगम और नगर परिषदों की वार्ड सीमाएं फ्रीज करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

उन्होंने कहा कि 2027 की जनगणना के मद्देनजर प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज करने के संबंध में केंद्र सरकार के दो अलग-अलग संचारों में विरोधाभास दिखाई देता है, इसलिए मामला रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त, भारत के पास “विशेष विचार” के लिए भेजा गया है।

सरकार का स्पष्टीकरण मांगने संबंधी पत्र प्राप्त नहीं हुआ

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि अभी तक पंजाब सरकार का स्पष्टीकरण मांगने संबंधी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह तक स्थगित कर दी और तब तक चुनाव अधिसूचना जारी करने पर रोक जारी रखने का आदेश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दायर याचिकाओं में राज्य सरकार द्वारा किए गए नए परिसीमन की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वार्डबंदी की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिसके कारण चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

परिसीमन प्रक्रिया भी विवाद के दायरे में

अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि राज्य के जिन नगर निगमों की वार्डबंदी को चुनौती दी गई है, उनमें बटाला, पठानकोट, कपूरथला, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, अबोहर, मोगा और बरनाला शामिल हैं। इनके अलावा सौ से अधिक नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की परिसीमन प्रक्रिया भी विवाद के दायरे में है।

सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के अनुसार प्रशासनिक सीमाओं को जनगणना संदर्भ तिथि से एक वर्ष पहले से पहले फ्रीज नहीं किया जा सकता, जबकि केंद्र के एक अन्य पत्र में 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार सीमाएं फ्रीज मानने का निर्देश दिया गया था। इसी विरोधाभास को स्पष्ट करने के लिए केंद्र से मार्गदर्शन मांगा गया है।

अदालत ने संकेत दिया कि केंद्र से स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद ही वार्डबंदी और चुनाव अधिसूचना से जुड़े मुद्दों पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

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