हिमाचल प्रदेश में बनीं हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, माइग्रेन समेत इन 38 दवाओं के सैंपल फेल

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एएम नाथ। शिमला :   हिमाचल प्रदेश में बनीं  माइग्रेन, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, पेट की गैस, विटामिन डी- 3 और संक्रमण समेत 38 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। माइग्रेन की दवा की सप्लाई सिर्फ सरकारी अस्पतालों में की जाती है। इसके दो बैच के सैंपल फेल हुए हैं। देशभर में 135 दवाओं के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और स्टेट ड्रग कंट्रोलर की ओर से दिसंबर में दवाओं के सैंपल लिए गए थे। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जिन कंपनियों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनको नोटिस जारी कर स्टॉक वापस मंगवाया गया है। लाइसेंस रद्द करने की प्रकिया भी शुरू कर दी है।
        बायोडिल फार्मास्युटिकल नालागढ़ में बनी डाइवैलप्रोएक्स के दो सैंपल फेल हुए हैं। वहीं, सीएमजी बायोटेक कांगड़ा की बीटाहिस्टाइन, सिपला कंपनी नालागढ़ की ओकामैट, एडमैड फार्मा बद्दी की पेंटाप्राजोल, ऑर्चिड मेडलाइफ कंपनी बद्दी की जिंक सल्फेट, वेडएसपी फार्मास्युटिकल झाड़माजरी की अमोक्सीसिलिन, केजन फार्मास्युटिकल काठा की पेंटोप्राजोल, नॉक्स फार्मास्युटिकल बद्दी की सेफडॉक्साइन, मेडोफार्मा कंपनी बद्दी की कैल्शियम कार्बोनेट, मेवटर बायोजेनेसिस मखलूमाजरा की सिपैक्स-500, नेपच्यून लाइस साइंसेस थाना स्थित की टर्बिकेयर-250, इंट्राकोनाजोल, सीएसडी लाइफ साइंसेस मखलूमाजरा की टूवरी-एलएस, एसेस लाइफ साइंसेस साइंसेस परवाणू की सुक्राजम-ओ सस्पेंशन, एफी पेरेट्रियल बदुदी का आयरन सुक्रोज इंजेक्शन, अल्ट्रा ड्रग्स फार्मूलेशन्स
कंपनी बटूदी की जस्टकोफ-एलएस, लेबोरेट फार्मास्युटिकल पांवटा साहिब का डेक्सामैथस-1 इंजेक्शन, सेफनिक्स लाइफ साइंसेस पांवटा की रेटराजिट-250, सीभी हेल्थकेयर नालागढ़ की ब्रोकफ-डीएम दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं।
इनके सैंपल भी फेल  :  इसके साथ ही एस्टेरिस्क हेल्थकेयर कंपनी हरोली की टेमकोफ-एलएस सिरप, फोगों फार्मास्युटिकल कंपनी बरोटीवाला के माउथवॉश के सैंपल फेल हुए हैं। शमत्री लाइफ साइंसेस बद्दी के मैरोपेनम् इंजेक्शन-500, एलाइंस बायोटैक्स काठा के रैवेप्रॉजोल इंजेक्शन के दो वैच, सीएमजी बायोटेक कांगड़ा की फैक्सोफेनाडाइन टेबलेट, मार्टिन एंड ब्राउन बायोसाइंसेस मखलूमाजरा के रेविप्राजोल सोडियम इंजेक्शन, जिनोसिस फार्मास्युटिकल की लिग्नोकैनी, ओजोन फार्मास्युटिकल बद्दी की एक्सबैक्स सस्पेंशन के दो बैच, मेडिपोल फार्मास्युटिकल बद्दी के नोसकैपिन सिरप, ओरिसन फार्मा इंटरनेशनल कालाअंब की टेल्मीसार्टन, सिसटोल रेमिडिस कंपनी की एसाइक्लोविर टेबलेट, मार्टिन एंड ब्राउन कंपनी नालागढ़ की एल्वेंडाजोल टेबलेट, मेडिऑन प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड की बोटेजोभिब, अल्ट्रा इग्स प्राइवेट लिमिटेड की पेंटोपाजोल, लोन हेल्थकेयर कंपनी की पेरासिटामोल दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं।
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