चंडीगढ़, 7 अगस्त । शिरोमणि अकाली दल पुनर्सुरजीत के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने कहा कि अकाली दल पुनर्सुरजीत और अकाली दल वारिस पंजाब दे के बीच एकता पंजाब और पंथ के हित में होगी। उन्होंने कहा कि पंथक हितों की मजबूती और पंजाब के बेहतर भविष्य के लिए दोनों राजनीतिक धाराओं का एक मंच पर आना आवश्यक है।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में ढींडसा ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही सभी पंथक ताकतों को एकजुट करने की पक्षधर रही है। इसी उद्देश्य से पार्टी ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया था, ताकि विभिन्न दलों और संगठनों के साथ समन्वय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने बताया कि पार्टी की आंतरिक चर्चाओं के दौरान सांसद अमृतपाल सिंह को मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में स्वीकार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ था। उनके अनुसार, एक-दो नेताओं को छोड़कर अधिकांश पदाधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया और सहमति व्यक्त की।
ढींडसा ने कहा कि यह रुख इस बात का संकेत है कि पार्टी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर पंथक एकजुटता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी पंथक दल व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए एक साझा मंच पर आने की दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे।
