केरल में कांग्रेस की जीत के हीरो वीडी सतीशन : सीएम पद की रेस में भी है नाम; चुनाव से ठीक पहले किया था बहुत बड़ा वाद

by

केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने एक बड़ा वादा किया था। सतीशन ने कहा था कि अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन निर्णायक जीत हासिल नहीं करता, तो वह राजनीतिक से सन्यास ले लेंगे।

यह एक ऐसा साहसिक बयान था, जिसने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जोश और भरोसा जगा दिया था। अब नतीजे दुनिया के सामने हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने केरल में बंपर जीत दर्ज की है।

अब, जब केरल में यूडीएफ जीत गया है, तो यह वादा किसी जोखिम से कम और उनके उस भरोसे का संकेत ज्यादा लगता है कि परिस्थितियां पहले ही उनके पक्ष में बदल चुकी थीं। केरल में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए इस जीत की जड़ें 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद के कठिन महीनों से जुड़ी हैं, जब राहुल गांधी ने सतीशन को विपक्ष का नेता बनाया था। उस समय जो फैसला जोखिम भरा और अनिश्चित लग रहा था, अब पार्टी के भीतर उसे एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। अब वीडी सतीशन को केरल के सीएम फेस के रूप में भी देखा जा रहा है

केरल में कैसे मजबूत हुआ कार्यकर्ताओं का भरोसा

सतीशन के अविचल, जमीनी स्तर के काम और स्थानीय मुद्दों पर लगातार ध्यान देने से संगठन और मतदाताओं का भरोसा फिर से मजबूत हुआ। यूडीएफ की बेहतर जीत तो हुई ही, सतीशन ने एर्नाकुलम जिले की परवूर सीट बरकरार रखी, और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे अचानक आई लहर के बजाय एक शांत और सोच-समझकर की गई वापसी का परिणाम बताया।

सतीशन ने खुद को स्थापित किया

छात्र आंदोलन से उभरकर केरल की सबसे मुखर विपक्षी आवाज़ों में से एक बने वीडी सतीशन ने खुद को एक रणनीतिक तौर पर कुशल नेता के रूप में स्थापित किया है, जो कानूनी समझ और राजनीतिक चतुराई का संयोजन करते हुए हाल के वर्षों में कांग्रेस-नेतृत्व वाले यूडीएफ को फिर से मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

कौन हैं वीडी सतीशन

एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर रहने वाले वीडी सतीशन की राजनीति में शुरुआती पकड़ एस. एच. कॉलेज, थेवरा में छात्र राजनीति में सक्रियता के जरिये बनी। बाद में उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। राष्ट्रीय छात्र संगठन में एक पदाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल ने कांग्रेस के संगठन में उनकी पहुंच और पहचान को और बढ़ाया। हाई कोर्ट में वकालत करने वाले सतीशन का चुनावी सफर 1990 के दशक के मध्य में परवूर विधानसभा क्षेत्र से एक हार के साथ शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने इस असफलता को जल्द ही एक नये अवसर में बदल दिया। अपने अगले प्रयास में उन्होंने शानदार जीत हासिल की और इसके बाद लगातार इस सीट को बरकरार रखते हुए दो दशकों से अधिक समय में मजबूत जमीनी पकड़ बनाई।

पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के एक निष्ठावान समर्थक रहे सतीशन ने परवूर से 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज की। इस प्रकार विधानसभा की राजनीति में उनका 25 वर्षों से अधिक का सफर तय हुआ है। उन्होंने साल 2021 के चुनाव में 21,301 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जो उनकी लगातार चुनावी पकड़ को दर्शाता है।

केरल में संभाल चुके हैं कई बड़े पद

पार्टी के भीतर उन्होंने संगठनात्मक भूमिकाएं भी निभाई हैं, जिनमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं।अपने व्यवस्थित कार्यशैली के लिये चर्चित सतीशन ने किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखने से पहले उसे गहराई से समझने की आदत के कारण अपनी अलग पहचान बनाई। यह तरीका और विधानसभा में उनके त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप उन्हें कांग्रेस के भीतर मजबूत स्थिति बनाने में मददगार साबित हुए, भले ही लंबे समय तक उन्हें कार्यकारी पद नहीं मिल पाया। सामुदायिक और धार्मिक संगठनों के साथ कार्य संबंध बनाए रखते हुए भी 61-वर्षीय नेता ने आमतौर पर तुष्टीकरण के खुले प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

You can avail 43 types of

Service assistants posted in the district will provide government services at home :  DC *A citizen can avail maximum four services at a time : karamjit Singh Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/August 2  : Deputy Commissioner Komal...
article-image
पंजाब

पंजाब के लोगों को एक एक लाख रुपए देगी मान सरकार, जानें पूरा मामला

मोदी सरकार की पीएम आवास योजना 2.0 अब पंजाब में लागू होने जा रही है, जिसके लिए वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। स्थानीय निकाय विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद राज्य...
हिमाचल प्रदेश

युवती के शव का पोस्टमार्टम : युवती की हत्या गला घोंटकर की गई

ऊना : अंब के घेवट बेहड़ में मिली मृतक युवती की हत्या गला घोंटकर की गई थी। पुलिस ने डॉ राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में उसका पोस्टमॉर्टम करवाया है। इस बात का खुलासा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन केसी चमन ने आज यहां जिला परिषद सोलन के उपस्थित नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई।

उपायुक्त सोलन ने उपस्थित जिला परिषद सदस्यों को दिलाई शपथ सोलन:   केसी चमन ने जिला परिषद सोलन के लिए वार्ड नम्बर-3 डूमेहर से निर्वाचित आशा परिहार, वार्ड नम्बर-5 सिरीनगर से निर्वाचित लीला देवी ठाकुर,...
Translate »
error: Content is protected !!