गरीब विरोधी और अवसरवादी बजट, हिमाचल के हितों की हुई अनेदखी : सीएम सुक्खू –

by
एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार के वित्त वर्ष 2025-26 के बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट असमानता को प्रदर्शित कर रहा है और बजट का एक बड़ा हिस्सा बिहार राज्य पर केंद्रित है।  उन्होंने कहा कि इस बजट में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का और यहां की जनसंख्याओं की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तत्काल संशोधन करने का आह्वान किया।
                    उन्होंने कहा  केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के हितों की अनेदखी की गई है। हिमाचल प्रदेश पर वर्ष 2023 में इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा आई। हिमाचल के हक को अभी तक नहीं दिया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किया गया यह बजट बिहार पर केंद्रित है। आगामी विधानसभा चुनाव को लक्षित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट देश के महत्वपूर्ण मामलों जैसे बेरोजगारी, गरीबी और बढ़ती मंहगाई को संबोधित करने की दिशा में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादक राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस वर्ग से संबंधित वित्तीय बाधाओं और उनसे संबंधित मुश्किलों को कम करने के लिए सेब के आयात शुल्क में वृद्धि करने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है जिससे प्रदेश के बागवानों को राहत मिलती। सुक्खू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बजट में प्रदेश में रेल विस्तार जैसे महत्वपूर्ण मामले के संबंध में भी उल्लेख नहीं है।
राज्य के आर्थिक विकास के लिए मजबूत रेल विस्तार आवश्यक है लेकिन इस मामले को भी नजरअंदाज किया गया है। राज्यों को दिए जाने वाले ब्याज मुक्त ऋण की 1.5 लाख करोड़ रुपये की सीमा में बढ़ोतरी नहीं की गई है और हिमाचल जैसे छोटे राज्य के लिए इससे संबंधित कठिन शर्तें राज्य के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति को समाप्त करने के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश मुश्किल वित्तीय स्थिति को झेल रहा है जिससे राज्य को प्रतिवर्ष हानि हो रही है। इस वित्तीय घाटे को कम करने के लिए और प्रदेश की राजकोषीय स्थिरता के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बजट में इस तरह के पैकेज का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर छूट के रूप में मध्यम वर्ग को मिलने वाले लाभ में विलंब हुआ है क्योंकि नए प्रत्यक्ष ढांचे के लाभों का उपयोग, उपभोग और मांग को बढ़ावा देने के बजाय पिछले वर्षों में लगाए गए कर के रूप में देना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह गरीब विरोधी और अवसरवादी बजट है जो भविष्योन्मुखी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राहत राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लाभ में मध्यम वर्ग के कर दाताओं के द्वारा किए जा रहे योगदान के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा इस बजट में अगले सप्ताह नए आयकर बिल का भी उल्लेख है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र में चल रही समस्याओं जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य और आधुनिक कृषि पद्धति और बुनियादी ढांचे के लिए अपर्याप्त वित्तपोषण को सम्बोधित करने के लिए कोई भी उपाय नहीं हैं।
               उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट भारत की आवश्यकताओं के अनुसार समावेशी और सहायक वित्तीय योजना बनाने में विफल रहा है। इसमें बेरोजगारी, बढ़ती कीमतें और असमानताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के लिए कोई समाधान नहीं दिया गया है। अन्य राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश भी एक ऐसे बजट के परिणामों से जूझ रहा है जो आम लोगों की तुलना में संपन्न वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसा बजट बनाया जाए जो सभी नागरिकों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को सही मायने में प्रतिबिम्बित करे और समाज के सभी वर्गों का समान विकास और समृद्धि सुनिश्चित करे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

ऊना व अम्ब में 9 सितम्बर को आयोजित होंगी लोक अदालतें – अनीता शर्मा

ऊना, 9 अगस्त – जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना परिसर और अम्ब कोर्ट परिसर में 9 सितम्बर को लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

चिट्टे की सप्लाई कर रहा था 23 साल का MBBS डॉक्टर : पुलिस ने किया गिरफ्तार

एएम नाथ।  बैजनाथ  :  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ पुलिस ने पंजाब के मोगा, एक एमबीबीएस डॉक्टर को कांगड़ा जिले में चिट्टा (हेरोइन) सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।  23...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

खुद मोर्चे पर डटे रहे डीसी, मौसम विभाग की चेतावनी मिलते ही हरकत में आ गया पूरा प्रशासन :असल घटना की तरह ही निभाई आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी, कांगड़ा जिले में मॉक ड्रिल से बाढ़-भूस्खलन से निपटने की तैयारी का आकलन

धर्मशाला, 8 जून। बाढ़ और भूस्खलन जैसी किसी आपदा के समय बेहतर प्रबंधन और पूर्व तैयारी के आकलन के लिए कांगड़ा जिला प्रशासन ने 8 जून को मेगा मॉक ड्रिल की। इस दौरान जिले...
article-image
हिमाचल प्रदेश

DC डा. निपुण जिंदल ने आपदा मित्रों को राहत एवं बचाव किट्स की वितरित: जिला में तीन सौ के करीब आपदा मित्रों को किया है प्रशिक्षित

राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों की करेंगे धर्मशाला, 14 सितंबर। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने आपदा मित्रों को राहत एवं बचाव किट्स वितरित की गई। यह आपदा मित्र आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शिविरों में...
Translate »
error: Content is protected !!