एएम नाथ। चम्बा : जिला चंबा के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत भराड़ा में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पंचायत के गांव भराड़ा, चुटेरा, मंगलोवा और किहा व आदि क्षेत्रों में मटर की खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। स्थानीय किसानों के अनुसार देर रात करीब 3 बजे अचानक मौसम बिगड़ा और तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। लगभग आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी मटर की फसल को तहस-नहस कर दिया। किसानों का कहना है कि इस आपदा से लगभग 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने जुलाई माह में कर्ज लेकर 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से मटर का बीज खरीदा था। कड़ी मेहनत के बाद फसल में फूल आना शुरू ही हुआ था और अक्टूबर माह में फसल मंडियों में जाने के लिए तैयार होनी थी। लेकिन अब खेतों में सिर्फ टूटी हुई टहनियां और सड़े हुए फूल ही बचे हैं।
ग्राम पंचायत भराड़ा चुराह घाटी में मटर उत्पादन का मुख्य केंद्र मानी जाती है। यहां करीब 800 से 1000 किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से मटर की खेती पर निर्भर हैं। मटर की फसल ही इनकी साल भर की रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। फसल बर्बाद होने से अब किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित किसान खेर सिंह, ओम प्रकाश, हरीश कुमार, पूरन चंद, बेली राम, रवि कुमार, रमेश कुमार और राजकुमार ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करवाया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
