मोहाली : जालंधर में हुए हैंड ग्रेनेड हमले और आतंकी साजिश के मामले में NIA ने फरार आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मोहाली स्थित विशेष एनआईए अदालत ने मामले में नामजद छह आरोपितों के खिलाफ ओपन डेटेड गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने के आदेश दिए हैं।
16 मार्च 2025 को थाना मकसूदां, जालंधर ग्रामीण में दर्ज एफआइआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर की बालकनी में एक संदिग्ध वस्तु फेंकी गई थी, जो जांच में हैंड ग्रेनेड निकली। इसके बाद मामले में आतंकवाद, विस्फोटक पदार्थ और हथियारों से संबंधित विभिन्न धाराएं जोड़ी गईं और केंद्र सरकार के निर्देश पर जांच एनआइए को सौंप दी गई।
एनआईए की जांच में पाकिस्तान निवासी इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी को इस कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताया गया है। एजेंसी के अनुसार, उसने इंटरनेट मीडिया और वॉट्सएप के माध्यम से भारत में मौजूद सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए रखा और हमले की योजना को अंजाम देने के निर्देश दिए।
जांच में यह भी सामने आया कि फरार आरोपित मोहम्मद जशीन अख्तर सहित अन्य इस नेटवर्क का हिस्सा थे और कथित तौर पर हमले की साजिश में शामिल रहे। एजेंसी ने अदालत को बताया कि सभी आरोपितों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वे अपने पते पर नहीं मिले।
स्थानीय पुलिस और अन्य माध्यमों से की गई जांच में पता चला कि आरोपित भारत से बाहर रह रहे हैं और गिरफ्तारी से बच रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपितों के स्वेच्छा से अदालत में पेश होने की संभावना नहीं है।
ऐसे में उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा आगे की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया शुरू करने के लिए ओपन डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करना आवश्यक है। एनआईए अब इन वारंटों के आधार पर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई करेगी।
जिन आरोपियों खिलाफ जारी हुए वारंट : जालंधर जिले के गांव शंकर निवासी मोहम्मद जशीन अख्तर उर्फ याशिन, हरियाणा के करनाल जिले के गांव संभली निवासी भानु प्रताप उर्फ भानु राणा, जालंधर जिले के लांबड़ी निवासी गौरव गिल उर्फ गौरव कनाडा, जालंधर जिले के गांव फतेहपुर निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ हनी औलख, करनाल के गांव समाना बहू निवासी नवीन शर्मा उर्फ वंश शर्मा, कुरुक्षेत्र के खेड़ी मारकंडा स्थित सरस्वती काॅलोनी निवासी अमनीत चहल उर्फ अमन जाट।
